बजट में बड़ा ऐलान: प्रमंडल से राज्य स्तर तक बनेगा सहकारी नेटवर्क, उत्पादन और आमदनी दोनों बढ़ेंगे
भागलपुर।राज्य बजट में मत्स्य पालन क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। अब इस क्षेत्र में प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) की सीधी भागीदारी होगी। इसके तहत प्रमंडल और जिला स्तर पर संघ तथा राज्य स्तर पर परिसंघ का गठन किया जाएगा। उद्देश्य है—मत्स्य पालकों को बेहतर तकनीकी सहयोग, इनपुट सपोर्ट और मजबूत मार्केटिंग नेटवर्क उपलब्ध कराना।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भागलपुर जैसे नदी-प्रधान जिलों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
गंगा–कोसी का फायदा, गांव-देहात में भी बढ़ रहा उत्पादन
पैक्स संचालकों के मुताबिक, मछली पालन अब सिर्फ परंपरागत पेशा नहीं, बल्कि कृषि का अहम अंग बन चुका है।
- भागलपुर में गंगा और कोसी जैसी दो बड़ी नदियां हैं
- गांवों में तालाबों और गड्ढों में भी बड़े पैमाने पर मछली पालन हो रहा है
अगर पैक्स के जरिए सीधा विपणन और उचित मूल्य मिलने लगे, तो आने वाले वर्षों में मछली उत्पादन दोगुना तक हो सकता है।
बिहार चौथे नंबर पर, आंकड़े बताते हैं ताकत
बजट के मुताबिक—
- बिहार देश में मत्स्य उत्पादन में चौथे स्थान पर है
- उत्पादन: 9.59 लाख मीट्रिक टन
- प्रति व्यक्ति वार्षिक उपलब्धता: 12.21 किलो
- मत्स्य बीज उत्पादन: 2044 मिलियन
ये आंकड़े बताते हैं कि अगर सही ढांचा मिले तो बिहार, खासकर भागलपुर, इस सेक्टर में बड़ा खिलाड़ी बन सकता है।
भागलपुर को मिल सकता है पॉल्ट्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
बजट में कुक्कुट अनुसंधान एवं प्रशिक्षण उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना का भी ऐलान किया गया है।
इस रेस में भागलपुर की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है क्योंकि—
- बरारी में पहले से क्षेत्रीय कुक्कुट विकास केंद्र संचालित है
- अब इसे अपग्रेड कर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जा सकता है
यहां प्रस्तावित हैं—
- प्रशिक्षण एवं मानव संसाधन विकास
- पॉल्ट्री फॉर्मों का सुदृढ़ीकरण
- एवियन इन्फ्लुएंजा की निगरानी
- आधुनिक रिसर्च फैसिलिटी
बकरी और सूकर पालन को भी मिलेगा बढ़ावा
बजट में बकरी विकास योजना के तहत—
- बकरी प्रजनन, अनुसंधान व प्रशिक्षण संस्थान
- बकरी सीमेन स्टेशन
- बकरी फेडरेशन के गठन का प्रस्ताव
भागलपुर में पहले से बकरी पालन व्यापक स्तर पर होता है, इसलिए यहां सीमेन स्टेशन बनने की संभावना प्रबल है।
इसी तरह सूकर विकास योजना के तहत भी प्रशिक्षण और अनुसंधान केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव है।
निष्कर्ष
राज्य बजट का यह फोकस मत्स्य, पॉल्ट्री, बकरी और सूकर पालन जैसे क्षेत्रों को संगठित उद्योग में बदलने की दिशा में बड़ा कदम है।
भागलपुर जैसे जिलों के लिए यह रोजगार, आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने वाला साबित हो सकता है।


