
गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला, 2011 बैच के बाद के आईपीएस पर लागू होगा नियम
नई दिल्ली। अब भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों के लिए पुलिस महानिरीक्षक (IG) रैंक तक पहुंचना आसान नहीं होगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने बड़ा फैसला लेते हुए एसपी और डीआईजी रैंक के आईपीएस अधिकारियों के लिए आईजी पद पर नियुक्ति से पहले कम से कम दो साल की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति अनिवार्य कर दी है।
यह नया नियम 2011 बैच और उसके बाद के सभी आईपीएस अधिकारियों पर लागू होगा।
क्यों लिया गया यह फैसला
गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस निर्णय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को राज्य के साथ-साथ केंद्र स्तर पर भी जमीनी और प्रशासनिक अनुभव मिले। इससे नीति निर्माण, सुरक्षा रणनीति और अंतरराज्यीय समन्वय को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
केंद्र में 200 से ज्यादा पद खाली
फिलहाल केंद्र सरकार में आईपीएस अधिकारियों के लिए 700 से ज्यादा स्वीकृत पद हैं। इनमें से 200 से अधिक पद खाली हैं, जिनमें बड़ी संख्या एसपी और डीआईजी स्तर के पदों की है।
जून 2025 तक केंद्र सरकार में 678 आईपीएस अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत थे, लेकिन हाल में स्वीकृत पदों की संख्या बढ़ने से यह आंकड़ा अब 700 के पार पहुंच गया है।
किसे करना होगा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति
- एसपी और डीआईजी रैंक के अधिकारी
- 2011 बैच या उसके बाद के आईपीएस अधिकारी
- आईजी पद पर पदोन्नति से पहले
- कम से कम 2 साल केंद्र में सेवा अनिवार्य
राज्यों पर भी पड़ेगा असर
इस फैसले से राज्यों को भी अपने अधिकारियों को केंद्र भेजने में सहयोग करना होगा। माना जा रहा है कि इससे केंद्र में खाली पद जल्दी भरेंगे और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विभागों को अनुभवी अधिकारी मिलेंगे।
क्या बदलेगा
इस फैसले से
- वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी
- केंद्र और राज्य पुलिस के बीच समन्वय मजबूत होगा
- आईजी जैसे अहम पदों पर अधिक अनुभवी अधिकारी पहुंचेंगे
गृह मंत्रालय का यह कदम पुलिस प्रशासन में अनुभव आधारित नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।


