भागलपुर | 23 सितंबर 2025-भागलपुर में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिस पर यक़ीन करना मुश्किल है। जिस महिला का परिजनों ने सालों पहले श्राद्ध कर दिया था, वह ज़िंदा मिली और पुलिस की इंसानियत ने उसे उसके पति से मिला दिया।
18 साल पहले बिछड़े थे पति-पत्नी
भागलपुर कोतवाली के सत्यनारायण सिंह की शादी 2007 में गुड़िया कुमारी से हुई थी। संतान न होने पर सत्यनारायण ने दूसरी शादी कर ली। इस बीच गुड़िया अचानक घर से गायब हो गई। परिजनों ने तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो उसे मृत मानकर श्राद्ध कर दिया।
सड़क से अस्पताल पहुँची गुड़िया
हाल ही में बिहार पुलिस जवान धनंजय पासवान, जिन्हें हेलमेट मैन कहा जाता है, ने सड़क किनारे बीमार अवस्था में मिली एक महिला को अस्पताल पहुँचाया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो परिवार ने पहचान लिया—वह महिला कोई और नहीं बल्कि गुड़िया थी।
अस्पताल में मिला पति
सूचना मिलते ही सत्यनारायण दिल्ली से भागलपुर पहुँचे। मायागंज अस्पताल में पत्नी को देख उनकी आँखें भर आईं। वहीं गुड़िया भी पति को देखकर फूट-फूटकर रो पड़ी।
इंसानियत की मिसाल
पुलिस जवान धनंजय पासवान ने गुड़िया के लिए कपड़े और ज़रूरी सामान उपलब्ध कराया। अस्पताल में मौजूद लोगों ने उसकी मांग में सिंदूर भरवाकर उसे आशीर्वाद दिया।
धनंजय पासवान बोले—
“इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है। अगर किसी की जान बचाकर परिवार से मिलाया तो यही सबसे बड़ी सेवा है।”
आज गुड़िया, जिसे मृत मान लिया गया था, अपने पति के साथ ज़िंदगी का नया अध्याय शुरू कर रही है।


