
पटना: बिहार की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलें तेज हो गईं। जैसे ही यह चर्चा सार्वजनिक हुई, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के भीतर विरोध के स्वर खुलकर सामने आने लगे।
बढ़ते राजनीतिक तनाव को देखते हुए प्रशासन ने मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा व्यवस्था तत्काल कड़ी कर दी है।
सीएम आवास बना पुलिस छावनी
मुख्यमंत्री आवास के दोनों मुख्य गेटों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है और सुरक्षा कर्मियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालात ऐसे हैं कि पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील नजर आ रहा है।
कार्यकर्ताओं का उबाल, गूंजे नारे
सुबह से ही जदयू कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के बाहर जुटने लगे। “नीतीश कुमार जिंदाबाद” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। कार्यकर्ताओं का साफ कहना है — “हमें नीतीश के अलावा कोई मंजूर नहीं।”
उनका तर्क है कि जनता ने जनादेश मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार को दिया है, न कि राज्यसभा के लिए।
क्या बोले जदयू कार्यकर्ता?
मीडिया से बातचीत में एक कार्यकर्ता ने कहा,
“हम पटना के ही हैं। बुधवार दोपहर से जो खबर चल रही है कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाया जा रहा है, वही सुनकर यहां पहुंचे हैं। हम यह कहने आए हैं कि मुख्यमंत्री पद पर नीतीश के अलावा और कोई स्वीकार नहीं।”
सत्ता परिवर्तन की आहट?
कार्यकर्ताओं के तेवर यह संकेत दे रहे हैं कि यदि सत्ता परिवर्तन की कोई पटकथा तैयार की जा रही है, तो उसका विरोध सड़कों पर भी दिखाई दे सकता है।
अब बड़ा सवाल यही है — क्या यह सिर्फ अटकलों का असर है या वाकई बिहार की सत्ता में बड़ा बदलाव होने वाला है?
फिलहाल पटना में सियासी तापमान चरम पर है और सीएम हाउस के बाहर की हलचल ने राजनीतिक हलकों में बेचैनी बढ़ा दी है।


