पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए को मिली ऐतिहासिक और भारी जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपना पहला आधिकारिक बयान जारी किया है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) पर पोस्ट कर राज्यवासियों को धन्यवाद दिया और वादा किया कि आने वाले वर्षों में बिहार को देश के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल किया जाएगा।
“राज्यवासियों को नमन और धन्यवाद”—नीतीश कुमार का संदेश
बयान में सीएम नीतीश कुमार ने लिखा—
“बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राज्यवासियों ने हमें भारी बहुमत देकर हमारी सरकार के प्रति विश्वास जताया है। इसके लिए राज्य के सभी सम्मानित मतदाताओं को मेरा नमन, हृदय से आभार एवं धन्यवाद।”
उनके इस संदेश से साफ है कि नीतीश कुमार इस जनादेश को केवल सत्ता नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और विकास के अवसर के रूप में देख रहे हैं।
पीएम मोदी को धन्यवाद—“एनडीए की एकजुटता ने इतिहास रचा”
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा—
“आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को उनके सहयोग के लिए नमन और धन्यवाद। एनडीए गठबंधन ने इस बार पूरी एकजुटता के साथ चुनाव लड़ा और ऐतिहासिक जीत हासिल की।”
उन्होंने आगे एनडीए के अपने सभी सहयोगियों—
चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेन्द्र कुशवाहा—का भी धन्यवाद किया और कहा कि गठबंधन की सामूहिक शक्ति और समन्वय ने इस जीत को संभव बनाया।
“बिहार को देश के सबसे विकसित राज्यों में शामिल करेंगे”—नीतीश कुमार ने दिया विकास का रोडमैप संकेत
अपने पोस्ट में नीतीश कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले 5 वर्षों में सरकार की प्राथमिकताएँ बिल्कुल स्पष्ट होंगी—
- तेज गति से विकास कार्य
- इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़ा विस्तार
- शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार
- रोज़गार के अवसरों का सृजन
- महिलाओं और युवाओं के लिए विशेष योजनाएँ
उन्होंने लिखा—
“आप सभी के सहयोग से बिहार और आगे बढ़ेगा तथा देश के सबसे ज्यादा विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा।”
इस बयान को राजनीतिक विशेषज्ञ “अगले कार्यकाल का विजन स्टेटमेंट” मान रहे हैं, जो स्पष्ट तौर पर यह संकेत देता है कि नीतीश सरकार इस बार बड़े पैमाने पर विकास और निवेश को प्राथमिकता देने वाली है।
एनडीए की जीत के बाद राजनीतिक माहौल में नई ऊर्जा
एनडीए को मिले भारी बहुमत ने पटना से लेकर गांव-देहात तक उत्साह का माहौल बना दिया है।
नीतीश कुमार के इस पहले सार्वजनिक संदेश को एनडीए कार्यकर्ताओं ने “विकास की नई शुरुआत” का संकेत माना है।


