20 साल में दूसरी बार सीएम हाउस खाली, अब 7 सर्कुलर रोड बंगले में रहेंगे नीतीश कुमार

बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है, जब राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर पटना स्थित मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास 1 अणे मार्ग को खाली कर दिया और 7 सर्कुलर रोड स्थित अपने नए आवास में शिफ्ट हो गए। यह कदम केवल एक सामान्य आवास परिवर्तन नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके राजनीतिक और प्रतीकात्मक मायने भी निकाले जा रहे हैं। खास बात यह है कि लगभग 20 वर्षों में यह दूसरी बार है जब नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री आवास छोड़ा है।

शुक्रवार सुबह से ही 1 अणे मार्ग से सामान शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। ट्रैक्टर और अन्य वाहनों के जरिए कुर्सियां, अलमारियां, किताबें, फाइलें और अन्य घरेलू सामान 7 सर्कुलर रोड स्थित बंगले तक पहुंचाए गए। दोपहर के समय नीतीश कुमार स्वयं भी नए आवास पर पहुंचे और वहां विधिवत पूजा-अर्चना के बाद प्रवेश किया। इस मौके पर बौद्ध भिक्षुओं द्वारा पूरे धार्मिक विधि-विधान के साथ पूजा कराई गई, जिससे इस शिफ्टिंग को आध्यात्मिक महत्व भी दिया गया।

7 सर्कुलर रोड स्थित यह बंगला पहले से ही नीतीश कुमार के पसंदीदा आवासों में रहा है। वे पहले भी कई बार यहां आकर निरीक्षण कर चुके हैं और कुछ समय तक यहां से प्रशासनिक कार्य भी संचालित किए गए थे। इस बंगले को विशेष रूप से सजाया गया है, जहां लॉन में कोलकाता से मंगाई गई विशेष घास लगाई गई है। यह आवास न केवल सुविधाजनक है, बल्कि इसकी लोकेशन भी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है।

नीतीश कुमार पहली बार वर्ष 2006 में मुख्यमंत्री बनने के बाद 1 अणे मार्ग स्थित आवास में आए थे। इसके बाद 2014 में लोकसभा चुनाव के परिणामों के बाद जब उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया और जीतन राम मांझी को सत्ता सौंपी, तब भी वे कुछ समय के लिए 7 सर्कुलर रोड स्थित इसी बंगले में रहने लगे थे। लगभग आठ महीने बाद जब उन्होंने दोबारा मुख्यमंत्री पद संभाला, तो वे फिर से 1 अणे मार्ग लौट आए थे। अब करीब दो दशक बाद एक बार फिर उन्होंने मुख्यमंत्री आवास छोड़कर उसी पुराने पसंदीदा बंगले को अपना ठिकाना बनाया है।

इस बदलाव के साथ सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह से सख्त कर दी गई है। नए आवास पर Z+ श्रेणी की सुरक्षा तैनात की गई है और पूरे इलाके को सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माना जा रहा है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की चूक न हो।

राजनीतिक दृष्टिकोण से देखें तो 7 सर्कुलर रोड की लोकेशन भी काफी चर्चा में है। यह आवास लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास के काफी करीब है। दोनों आवासों के बीच की दूरी लगभग 200 मीटर बताई जा रही है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में इस बदलाव को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे महज संयोग मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे बदलते राजनीतिक समीकरणों का संकेत बता रहे हैं।

गौरतलब है कि लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को पूर्व में उनके आवास को खाली करने का नोटिस दिया गया था और उन्हें हार्डिंग रोड स्थित नया आवास आवंटित किया गया था। हालांकि इस मामले में राजनीतिक विवाद बढ़ने के बाद फिलहाल प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया है। ऐसे में नीतीश कुमार का पास में आकर रहना राजनीतिक रूप से और भी दिलचस्प हो जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह शिफ्टिंग केवल एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि इसके पीछे व्यापक राजनीतिक संदेश भी छिपा हो सकता है। बिहार की राजनीति में लगातार हो रहे बदलावों और सत्ता संतुलन के बीच इस कदम को एक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे केवल आवास परिवर्तन बताया गया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसके अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं।

नीतीश कुमार का यह कदम ऐसे समय पर आया है, जब राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और आगामी चुनावों को लेकर भी चर्चाएं जोरों पर हैं। ऐसे में उनका मुख्यमंत्री आवास छोड़कर नए स्थान पर जाना एक बड़ी खबर बन गया है और इसे लेकर आने वाले दिनों में और भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।

कुल मिलाकर, 1 अणे मार्ग से 7 सर्कुलर रोड तक का यह सफर केवल भौगोलिक बदलाव नहीं है, बल्कि बिहार की राजनीति में चल रहे बदलावों और संभावित समीकरणों का भी एक संकेत माना जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस फैसले का राज्य की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ता है और क्या यह किसी बड़े बदलाव की शुरुआत है।

  • ये भी पढ़े..

    कोसी में इस साल का सबसे अधिक जलप्रवाह, अलर्ट जारी; तटबंधों पर बढ़ा दबाव

    Share Add as a preferred…

    श्राद्ध भोज खाने के बाद 150 से अधिक लोग बीमार, दाल में मरी छिपकली मिलने से मचा हड़कंप

    Share Add as a preferred…