
पटना। बिहार की राजनीति में रविवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का प्रस्तावित इस्तीफा अचानक टल गया। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद उन्हें विधानसभा की सदस्यता छोड़नी थी, जिसके लिए सुबह 8:40 बजे का समय तय किया गया था, लेकिन अंतिम क्षणों में कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, बिहार विधानसभा सचिवालय ने इस्तीफे की पूरी प्रक्रिया के लिए खास तैयारी कर रखी थी। अवकाश के दिन भी विधानसभा को खोला गया था और स्पीकर खुद मौजूद थे। हालांकि तय समय से पहले ही नितिन नवीन दिल्ली के लिए रवाना हो गए, जिसके बाद इस्तीफा टल गया।
गौरतलब है कि नितिन नवीन पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। उनके साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री भी राज्यसभा पहुंचे हैं। ऐसे में नियमों के अनुसार उन्हें निर्धारित समय के भीतर विधायक पद से इस्तीफा देना अनिवार्य है।
बिहार विधानसभा की नियमावली के अनुसार, राज्यसभा या विधान परिषद के लिए निर्वाचित होने पर किसी भी विधायक को 14 दिनों के भीतर अपनी सदस्यता छोड़नी होती है। इसके लिए सदस्य को स्वयं विधानसभा सचिवालय में उपस्थित होकर इस्तीफा देना होता है। इस लिहाज से 30 मार्च को अंतिम तिथि मानी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, किसी आपात कारण से कार्यक्रम में बदलाव किया गया और नितिन नवीन को दिल्ली जाना पड़ा। अब उनके इस्तीफे की नई तारीख जल्द तय की जाएगी। इस घटनाक्रम के बाद एनडीए की रणनीति और राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
वहीं, के इस्तीफे को लेकर भी सियासी हलकों में उत्सुकता बनी हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले 24 घंटे बिहार की राजनीति के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं। फिलहाल सभी की नजरें अगली तारीख और आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।


