
पटना: बिहार में पिछले महीने बनी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सरकार का आज बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार हो गया। राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री की मौजूदगी में 32 मंत्रियों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। खास बात यह रही कि शपथ ग्रहण के कुछ घंटों बाद ही सभी मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा भी कर दिया गया।
पिछले महीने सरकार गठन के समय केवल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और दो डिप्टी सीएम ने शपथ ली थी। करीब 22 दिनों तक राज्य की जिम्मेदारी इन्हीं तीन नेताओं के हाथों में रही। अब मंत्रिमंडल विस्तार के साथ सरकार ने पूर्ण रूप ले लिया है।
निशांत कुमार को मिला स्वास्थ्य मंत्रालय
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत Kumar को पहली बार मंत्री बनाया गया है और उन्हें स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्वास्थ्य मंत्री बनने की खबर के बाद निशांत कुमार सबसे पहले पटना स्थित इस्कॉन मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर भगवान का आशीर्वाद लिया। उन्होंने श्री राधा बांके बिहारी जी से बिहार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
मीडिया से बातचीत में निशांत कुमार ने कहा कि उन्हें बिहारवासियों का भरपूर प्रेम और स्नेह मिल रहा है। उन्होंने जनता का आभार जताते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में काम करेंगे और अपने पिता नीतीश कुमार की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार को आधुनिक और विकसित राज्य बनाना है तथा अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
सम्राट चौधरी ने गृह विभाग रखा अपने पास
कैबिनेट विस्तार के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विभागों का आवंटन किया। उन्होंने गृह विभाग अपने पास रखा है। वहीं, पिछली सरकार में डिप्टी सीएम रहे विजय कुमार सिन्हा को इस बार कृषि मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। पिछली कैबिनेट में उनके पास राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग था।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्रालय सौंपा गया है। वे इससे पहले भी इस विभाग की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग को लेकर बदला पुराना समीकरण
मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के बंटवारे में एनडीए के पांचों घटक दलों के बीच पुराना राजनीतिक संतुलन कायम रखा गया। हालांकि, निशांत कुमार को स्वास्थ्य मंत्री बनाए जाने को लेकर जेडीयू और बीजेपी के बीच विभागीय अदला-बदली देखने को मिली।
बिहार में जब भी जेडीयू और बीजेपी की संयुक्त सरकार रही है, स्वास्थ्य विभाग आमतौर पर बीजेपी के पास ही रहा है। लेकिन 2005 के बाद यह पहली बार हुआ है जब स्वास्थ्य विभाग जेडीयू के खाते में गया है। बताया जा रहा है कि निशांत कुमार को स्वास्थ्य मंत्रालय दिलाने के लिए जेडीयू ने विशेष पहल की। इसके बदले बीजेपी को दो अन्य विभाग सौंपे गए हैं।


