बिहार के इन 22 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, तेज हवा के साथ बिजली गिरने की भी संभावना

बिहार में मानसून की सक्रियता के कारण राज्य के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग जिलों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। बारिश के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली है। हालांकि, मौसम विभाग ने बुधवार को राज्य के 22 जिलों में बारिश और खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में बारिश के साथ तेज हवा चलने और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को बिहार के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां सक्रिय रह सकती हैं। सीमांचल, उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के कई जिलों में बादल छाए रहने के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में तेज बारिश भी देखने को मिल सकती है।

बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। इसके अलावा कई स्थानों पर वज्रपात यानी बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

इन 22 जिलों में जारी किया गया अलर्ट

मौसम विभाग ने बिहार के 22 जिलों में मौसम खराब होने की चेतावनी जारी की है। अलर्ट वाले जिलों की सूची में बक्सर, भोजपुर, पटना, बेगूसराय, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा, बांका, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार शामिल हैं।

इन जिलों में बारिश के साथ तेज हवा चलने की संभावना है। हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।

तेज हवा और बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ की शाखाएं टूटने, बिजली के तार प्रभावित होने और निचले इलाकों में जलजमाव जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम खराब होने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

पटना समेत कई जिलों में बदला मौसम

राजधानी पटना में भी पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कभी आसमान में घने बादल छा रहे हैं तो कभी कुछ समय के लिए धूप निकल रही है। इसके बाद अचानक फिर से बादल घिर आते हैं और कई इलाकों में बारिश शुरू हो जाती है।

मंगलवार को पटना में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही। कुछ समय के लिए धूप निकली, लेकिन शाम होते-होते राजधानी के आसमान में एक बार फिर बादल छा गए। इसके बाद रात तक पटना के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। बारिश के कारण तापमान में कुछ गिरावट आई और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।

पटना के आसपास के जिलों में भी मौसम की स्थिति लगभग ऐसी ही रही। कहीं हल्की बारिश हुई तो कहीं दिनभर बादल छाए रहे। वहीं, खगड़िया, सीतामढ़ी और कटिहार में मंगलवार को अच्छी बारिश दर्ज की गई। नालंदा और वैशाली में भी दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही।

बारिश से लोगों को गर्मी से मिली राहत

बिहार में लगातार हो रही बारिश के कारण लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली है। बारिश के बाद कई इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, बारिश रुकने के बाद धूप निकलने पर वातावरण में मौजूद नमी के कारण उमस बढ़ जाती है।

इस वजह से लोगों को कुछ समय के लिए चिपचिपाती गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम में लगातार बदलाव के कारण एक ही दिन में कई तरह की परिस्थितियां देखने को मिल रही हैं। सुबह बादल छाने के बाद दोपहर में धूप निकलना और शाम या रात में बारिश होना कई जिलों में आम हो गया है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून की गतिविधियों में लगातार बदलाव के कारण यह स्थिति बनी हुई है। जब नमी वाली हवाओं का प्रभाव बढ़ता है तो आसमान में बादल बनते हैं और बारिश होती है। वहीं, बारिश रुकने के बाद धूप निकलने पर वातावरण में मौजूद नमी के कारण उमस बढ़ जाती है।

अगले तीन से चार दिनों तक जारी रह सकती है बारिश

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बिहार में अगले तीन से चार दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुककर बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि स्थानीय मौसम परिस्थितियों के आधार पर कहीं-कहीं तेज बारिश भी देखने को मिल सकती है। इस दौरान बादल छाए रहने और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है।

मौसम खराब होने के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश और आकाशीय बिजली के समय खुले मैदान, खेत या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। बिजली के खंभों और अन्य विद्युत उपकरणों से भी दूरी बनाए रखना जरूरी है।

जुलाई के आखिरी सप्ताह में और तेज हो सकती है बारिश

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, जुलाई के आखिरी सप्ताह में बिहार में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

अगर बारिश का सिलसिला तेज होता है तो किसानों को इसका फायदा मिल सकता है। बिहार की कृषि व्यवस्था काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है। समय पर होने वाली बारिश धान सहित कई फसलों के लिए महत्वपूर्ण होती है। हालांकि, अगर लगातार भारी बारिश होती है तो निचले इलाकों में जलजमाव और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा भी बढ़ सकता है।

शहरी इलाकों में भी लगातार बारिश होने पर सड़कों पर जलजमाव की समस्या पैदा हो सकती है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय निकायों को भी मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखने की जरूरत होगी।

मौसम वैज्ञानिकों ने बताई मौसम बदलने की वजह

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बिहार में मौसम में हो रहे लगातार बदलाव की मुख्य वजह मानसूनी गतिविधियों का मजबूत और कमजोर होना है। जब नमी वाली हवाओं का प्रभाव बढ़ता है तो वातावरण में बादल बनते हैं और बारिश होने लगती है।

इसके बाद जब मानसून की गतिविधियां कुछ कमजोर पड़ती हैं और धूप निकलती है, तो वातावरण में मौजूद नमी के कारण उमस बढ़ जाती है। इसी वजह से बिहार के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है।

फिलहाल 22 जिलों में बारिश, तेज हवा और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में लोगों को मौसम के अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर बिजली गिरने की आशंका के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए।

आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियां और तेज होने पर राज्य के अन्य जिलों में भी बारिश का दायरा बढ़ सकता है। जुलाई के आखिरी सप्ताह में अगर बारिश की गतिविधियां तेज होती हैं तो बिहार के कई हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।

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