सीपीआर से घायल की जान बचाने वाले निकेत को मिला ‘आपदा फरिश्ता सम्मान’

दिनांक: 13 जुलाई 2025 | भागलपुर

भागलपुर निवासी निकेत कुमार सिंहा को एक सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) पद्धति से बचाने के लिए ‘आपदा फरिश्ता सम्मान’ से नवाजा गया। यह सम्मान जीवन जागृति सोसाइटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया गया।


मानव सेवा के प्रति समर्पण को किया गया सम्मानित

जीवन जागृति सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह ने निकेत को सम्मानित करते हुए कहा कि:

“जब कोई सड़क दुर्घटना होती है, तो घबराने के बजाय अगर आम नागरिक सीपीआर जैसी तकनीकों का प्रयोग करें, तो कई जानें बच सकती हैं।”

उन्होंने यह भी अपील की कि लोगों को सीपीआर पद्धति जरूर सीखनी चाहिए, ताकि आपात स्थिति में समय पर जीवन रक्षक सहायता दी जा सके।


निकेत का अनुभव: भावुकता और प्रेरणा से भरा क्षण

निकेत कुमार सिंहा ने सम्मान प्राप्त करते हुए कहा:

“यह मेरे लिए गर्व और भावुकता से भरा क्षण है। मैंने सीपीआर पद्धति डॉ. अजय सर से सीखी थी और उसी का प्रयोग कर किसी की जान बचा सका। यह मेरे जीवन का सबसे प्रेरणादायक अनुभव है।”


समाज में जागरूकता लाने की दिशा में अहम कदम

इस कार्यक्रम को समाज में आपदा के समय जागरूकता फैलाने और सामान्य नागरिकों को प्रशिक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। जीवन जागृति सोसाइटी का यह कदम न सिर्फ प्रशंसनीय है, बल्कि यह अन्य संगठनों के लिए भी एक प्रेरणा है।


डॉ. कृष्णा सिंह की प्रतिक्रिया

कार्यक्रम में उपस्थित डॉ. कृष्णा सिंह ने निकेत के इस साहसिक कदम की प्रशंसा करते हुए कहा:

“इस तरह के युवाओं को आगे आना चाहिए। अगर और लोग सीपीआर जैसी तकनीक सीखें, तो हम भविष्य में कई अनमोल जिंदगियों को बचा सकते हैं।”


निकेत कुमार सिंहा जैसे जागरूक और प्रशिक्षित नागरिकों की पहल समाज के लिए एक नई उम्मीद और मार्गदर्शक बनती है। आपदा प्रबंधन केवल सरकारी तंत्र पर निर्भर नहीं होता, बल्कि समाज के हर व्यक्ति को सजग, जागरूक और प्रशिक्षित होने की आवश्यकता है।


इस प्रेरणादायक खबर को अधिक लोगों तक पहुंचाएं – और जानें कि कैसे आप भी मानव सेवा में सहभागी बन सकते हैं।


 

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