
पटना, 08 अप्रैल 2026: बिहार में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी सेक्टर को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। जल्द ही राजधानी पटना में राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी) का क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किया जाएगा। इस निर्णय से राज्य में मत्स्य और डेयरी क्षेत्र के विकास को गति मिलने की उम्मीद है, जिससे किसानों और पशुपालकों की आय में भी वृद्धि होगी।
यह अहम निर्णय नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया। बैठक में बिहार समेत विभिन्न राज्यों में चल रही योजनाओं की समीक्षा करते हुए यह तय किया गया कि क्षेत्रीय स्तर पर बेहतर निगरानी और समन्वय के लिए पटना में एनएफडीबी का कार्यालय खोला जाए।
अस्थायी रूप से मीठापुर से होगा संचालन
सूत्रों के अनुसार, जब तक पटना में स्थायी भवन का चयन नहीं हो जाता, तब तक इस क्षेत्रीय कार्यालय का संचालन मीठापुर स्थित मत्स्य भवन से किया जाएगा। इससे योजनाओं के कार्यान्वयन में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी और स्थानीय स्तर पर त्वरित फैसले लिए जा सकेंगे।
केंद्रीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर
बैठक में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, पीएम मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना और मत्स्य पालन एवं एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इन योजनाओं के माध्यम से राज्य में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर विशेष जोर दिया गया।
बिहार के प्रदर्शन और संभावनाओं पर चर्चा
बैठक में बिहार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने राज्य में चल रही परियोजनाओं और उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि राज्य में मत्स्य उत्पादन और डेयरी सेक्टर में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन अभी भी कई क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
केंद्र और राज्य के बीच समन्वय होगा मजबूत
बैठक के बाद सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अलग से विचार-विमर्श भी किया। इस दौरान मत्स्य पालन विभाग के सचिव डॉ. अभिलक्ष लेखी, संयुक्त सचिव सागर मेहरा, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव नरेश पाल गंगवार, अपर सचिव वर्षा जोशी, संयुक्त सचिव राम शंकर सिन्हा और एनएफडीबी के मुख्य कार्यकारी डॉ. विजय कुमार बेहरा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
इस चर्चा में राज्य में डेयरी और पशुपालन परियोजनाओं की प्रगति, मत्स्य पालन के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास और आने वाले समय में योजनाओं के विस्तार के लिए नई कार्ययोजना तैयार करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से विचार किया गया।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का मानना है कि एनएफडीबी के क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना से राज्य में ‘नीली क्रांति’ (मत्स्य क्षेत्र) और ‘श्वेत क्रांति’ (डेयरी क्षेत्र) को नई ऊंचाई मिलेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
सरकार का मानना है कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय के जरिए बिहार को मत्स्य और डेयरी उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जा सकता है।


