अगले 48 घंटे बिहार पर भारी! 8 जिलों में आंधी-तूफान और वज्रपात का ‘येलो अलर्ट’; घर से निकलने से पहले पढ़ें यह चेतावनी

पटना | 10 मार्च, 2026: बिहार के मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट लेने वाला है। पछुआ हवाओं और स्थानीय वायुमंडलीय दबाव के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में कुदरत का ‘रौद्र रूप’ देखने को मिल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने अगले 48 घंटों के लिए विशेष बुलेटिन जारी करते हुए उत्तर बिहार के कई जिलों को हाई-अलर्ट पर रखा है। अगर आप अगले दो दिनों में यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह रिपोर्ट आपके लिए बेहद जरूरी है।

[येलो अलर्ट] – इन 8 जिलों पर मंडरा रहा है खतरा

​मौसम विभाग के अनुसार, वायुमंडल में नमी के प्रवेश से अस्थिरता बढ़ गई है। निम्नलिखित जिलों में बिजली गिरने (वज्रपात) और आंधी की प्रबल संभावना है:

प्रमंडल

प्रभावित जिले

तिरहुत

पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर

मिथिलांचल/कोशी

मधुबनी, सुपौल

सीमांचल

अररिया, किशनगंज

[मौसम का हाल] – धूल भरी हवाएं और बूंदाबांदी

  • हवा की रफ़्तार: इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चल सकती हैं।
  • गर्जना और चमक: बादलों के गरजने के साथ ही बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।
  • बूंदाबांदी: कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है, जिससे तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जाएगी।
  • समय सीमा: मौसम का यह मिजाज 11 मार्च की रात तक बना रहेगा। 12 मार्च से आसमान साफ होने की उम्मीद है।

[सावधानी ही बचाव] – क्या करें और क्या न करें?

​बिहार में वज्रपात (Lightning) से होने वाली मौतों का आंकड़ा चिंताजनक रहता है। विभाग ने सख्त हिदायत जारी की है:

    1. पेड़ों से दूरी: मेघगर्जन या बिजली चमकने के दौरान कभी भी पेड़ों के नीचे शरण न लें।
    2. बिजली के खंभे: खुले मैदानों, बिजली के खंभों और ऊंचे ढांचों से दूर रहें।
    3. किसानों के लिए सलाह: खेत में कटी हुई फसलों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दें, ताकि बूंदाबांदी से नुकसान न हो।
    4. इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: खराब मौसम के दौरान घर के बिजली उपकरणों को अनप्लग (Unplug) कर दें।

VOB का नजरिया: मार्च की ‘दगाबाज’ हवाएं और सुरक्षा!

अक्सर मार्च के महीने में किसान अपनी मेहनत (फसल) समेटने में जुटे होते हैं, ऐसे में मौसम की यह बेरुखी उनकी कमर तोड़ सकती है। प्रशासन को चाहिए कि जिला स्तर पर लाउडस्पीकर के जरिए सुदूर गांवों तक यह सूचना पहुँचाए। ‘येलो अलर्ट’ का मतलब केवल चेतावनी नहीं, बल्कि ‘सतर्कता’ है। याद रहे, आंधी-तूफान में आपकी एक छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। सुरक्षित रहें, सतर्क रहें।

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