
पूर्णिया। बिहार के पूर्णिया जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां शादी के महज 10 दिन बाद ही एक नवविवाहिता की खुशियां मातम में बदल गईं। रूपौली प्रखंड के डुमरी गांव में करंट लगने से युवक अमरजीत कुमार की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने न केवल एक परिवार को तोड़ दिया, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।
जानकारी के अनुसार, कोयली सिमडा पंचायत के डुमरी गांव निवासी अमरजीत कुमार की शादी 14 अप्रैल को गांव की ही काजल कुमारी के साथ बाबा विशुराउत मंदिर में हुई थी। शादी के बाद दोनों ने अपने जीवन की नई शुरुआत की थी और भविष्य के कई सपने संजोए थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
घटना की रात अमरजीत के घर में बिजली की समस्या थी। बताया जाता है कि पंखा नहीं चलने के कारण घर में गर्मी थी। ऐसे में अमरजीत नीचे कमरे में बिजली की लाइन ठीक करने की कोशिश कर रहे थे, जबकि उनकी पत्नी काजल और मां कल्पना देवी घर की छत पर आराम कर रही थीं।
इसी दौरान अचानक अमरजीत को तेज करंट लग गया, जिससे वह मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़े। गिरने की आवाज सुनकर भी परिवार के लोगों को पहले लगा कि कोई सामान गिरा होगा। लेकिन जब काफी देर तक कोई हलचल नहीं हुई और बाद में बिजली आने पर पत्नी और मां नीचे उतरीं, तो उन्होंने अमरजीत को जमीन पर बेसुध पड़ा देखा।
यह दृश्य देखकर दोनों के होश उड़ गए। काजल और उनकी सास जोर-जोर से चिल्लाने लगीं और आसपास के लोगों को बुलाया गया। आनन-फानन में ग्रामीणों और परिजनों ने अमरजीत को रेफरल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अमरजीत की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। नवविवाहिता काजल कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार अपने पति के शव से लिपटकर यही कह रही थी कि “अभी तो सात जन्मों का साथ शुरू हुआ था, इतनी जल्दी कैसे छोड़कर चले गए?” उसकी आंखों के आंसू और दर्द भरे शब्द हर किसी का दिल झकझोर रहे थे।
काजल के हाथों की मेहंदी अभी फीकी भी नहीं पड़ी थी और उसके सपनों का संसार पूरी तरह उजड़ गया। शादी के बाद जो खुशियां घर में आई थीं, वह पल भर में मातम में बदल गईं। परिवार के लोग और गांव के अन्य लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।
अमरजीत अपने परिवार का एक महत्वपूर्ण सहारा थे। उनके पिता इंदल सिंह रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्य में मजदूरी करते हैं। ऐसे में घर की जिम्मेदारियों का बड़ा हिस्सा अमरजीत के कंधों पर था। अब उनकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
इस दुखद घटना के बाद गांव में शोक की लहर है। स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और उन्हें सांत्वना दी। मुखिया प्रतिनिधि पहाड़ी सिंह ने तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की, वहीं अन्य जनप्रतिनिधियों ने सरकार से आपदा राहत के तहत चार लाख रुपये की सहायता देने की मांग की है।
पैक्स अध्यक्ष कैलाश भारती, सामाजिक कार्यकर्ता सखीचंद मंडल, मुखिया चंचल कुमारी, पंचायत समिति सदस्य जीवछ पासवान और वार्ड सदस्य अनिल कुमार समेत कई लोगों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रशासन से परिवार को हर संभव मदद देने की अपील की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं अक्सर बिजली के असुरक्षित उपयोग और जागरूकता की कमी के कारण होती हैं। घरों में बिजली की मरम्मत करते समय उचित सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। साथ ही, बिजली से जुड़े कार्यों के लिए प्रशिक्षित व्यक्ति की मदद लेना ही सुरक्षित विकल्प होता है।
यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि छोटी सी लापरवाही भी कितनी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। साथ ही यह भी जरूरी है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
अंततः, अमरजीत की असमय मौत ने न केवल एक नवविवाहिता के सपनों को तोड़ा है, बल्कि पूरे समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि जीवन कितना अनिश्चित है। खुशियों से भरे घर में अचानक पसरा सन्नाटा इस बात का प्रमाण है कि जिंदगी कब और कैसे करवट ले ले, कोई नहीं जानता। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन पीड़ित परिवार को कितनी जल्दी और कितनी मदद पहुंचाता है, ताकि वे इस कठिन समय से उबर सकें।


