
पटना/भागलपुर। बिहार में भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप का सामना कर रहे लोगों के लिए मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। राज्य में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा और तपिश से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, एक मई 2026 तक प्रदेश में मौसम के मिजाज में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। विशेष रूप से भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक आसमान में बादलों की आवाजाही के साथ आंधी और बारिश की प्रबल संभावना जताई गई है। इस बदलाव का मुख्य प्रभाव दक्षिण बिहार की तुलना में उत्तर बिहार के जिलों में अधिक देखने को मिलेगा, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा सकती है।
भागलपुर में दो दिनों तक ‘येलो अलर्ट’: आंधी के साथ होगी बौछारें
रेशम नगरी भागलपुर के लिए मौसम विभाग ने 28 और 29 अप्रैल को विशेष चेतावनी जारी की है। इन दो दिनों के दौरान जिले में गरज-चमक के साथ तेज आंधी और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
- हवा की रफ्तार: आंधी के दौरान हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है।
- तापमान में गिरावट: मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले तीन दिनों के भीतर राज्य के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है।
यह बदलाव उन लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा जो पिछले कुछ दिनों से लू (हीटवेव) जैसी स्थिति का सामना कर रहे थे। हालांकि, तेज हवाओं के कारण आम और लीची की फसलों को आंशिक नुकसान होने की आशंका भी जताई जा रही है।
कोसी और सीमांचल में मंगलवार को सक्रिय रहेगा मानसून पूर्व प्रभाव
मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को राज्य के दक्षिण बिहार के साथ-साथ कोसी और सीमांचल क्षेत्र में भी मौसम का व्यापक असर देखने को मिलेगा।
- प्रभावित जिले: अररिया, मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा और सुपौल के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है।
- चेतावनी: इन क्षेत्रों में भी तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे बिजली कड़कने की घटनाओं के प्रति लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि यह मौसमी बदलाव बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और स्थानीय वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण हो रहा है, जो उत्तर बिहार के मैदानी इलाकों में अधिक सक्रिय है।
पिछले 24 घंटों का हाल: 12 जिलों में हुई झमाझम बारिश
बिहार में मौसम के बदलाव की शुरुआत सोमवार से ही हो गई थी। सोमवार को राज्य के 12 जिलों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई।
- बारिश के आंकड़े: पूर्णिया में बीते 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक 35.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा अररिया, मधुबनी, मधेपुरा, सहरसा, किशनगंज, कटिहार और सुपौल जैसे जिलों में भी मेघ बरसे।
- किशनगंज में तबाही: किशनगंज जिले में पिछले 72 घंटों से मौसम का मिजाज काफी सख्त बना हुआ है। यहाँ तेज आंधी और बारिश के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
- नुकसान: किशनगंज में भारी ओलावृष्टि और तूफान के कारण खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं और कई कच्चे मकानों को भी भारी क्षति पहुँची है।
तापमान का गणित: कहीं राहत, कहीं अब भी आफत
सोमवार को हुई बारिश और बादलों की मौजूदगी के कारण प्रदेश के ज्यादातर शहरों के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। राज्य के 19 शहरों का अधिकतम पारा 35 डिग्री सेल्सियस के नीचे रहा, जो गर्मी से बड़ी राहत का संकेत है।
शहरों की स्थिति पर एक नज़र:
- सबसे कम न्यूनतम तापमान: पूर्णिया में न्यूनतम पारा 18.7°C दर्ज किया गया, जिससे रातें काफी ठंडी रहीं।
- सबसे गर्म शहर: एक ओर जहाँ उत्तर बिहार में बारिश हो रही थी, वहीं दक्षिण बिहार के कुछ हिस्से अब भी तप रहे थे। भभुआ का अधिकतम तापमान 41.4°C और डेहरी का 41.0°C रिकॉर्ड किया गया।
आगामी तीन दिनों में इन गर्म शहरों के तापमान में भी 2 से 3 डिग्री की गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे पूरे राज्य में मौसम सामान्य बना रहेगा।
सावधानी और सुझाव: आंधी के दौरान क्या करें?
मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए आम जनता के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव जारी किए हैं:
- सुरक्षित स्थान पर रहें: जब बिजली कड़क रही हो या तेज आंधी चल रही हो, तो पेड़ों के नीचे शरण न लें। पक्के मकानों में रहना ही सुरक्षित है।
- बिजली के उपकरणों से दूरी: गरज-चमक के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और मोबाइल फोन का उपयोग करने से बचें।
- किसानों के लिए सलाह: खेतों में खड़ी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दें और मौसम साफ होने तक कीटनाशकों के छिड़काव से बचें।
- कच्चे मकानों के प्रति सतर्कता: तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) के कारण कच्चे झोपड़ों और टिन शेड के उड़ने का खतरा रहता है, अतः उन्हें मजबूती से बांध लें।


