बिहार में शराब पर नया फरमान: थानों में अब ‘कबाड़’ नहीं बनेगी जब्त शराब, 15 दिनों में करना होगा नष्ट; सरकार ने जारी की नई SOP

पटना | बिहार सरकार ने मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2016 के तहत एक बड़ी नियमावली (SOP) जारी की है। इसका मकसद जिलों में जब्त शराब, गाड़ियों और जमीन की नीलामी प्रक्रिया में हो रही मनमानी को रोकना और एकरूपता लाना है। अब डीएम (DM) और एसपी (SP) को सुनिश्चित करना होगा कि शराब का निबटारा तुरंत हो।

1. 15 दिन का अल्टीमेटम

​अब तक कई जिलों में जब्त शराब महीनों तक पड़ी रहती थी। नई SOP के मुताबिक:

  • स्टोरेज नहीं: समाहर्ता (DM) को यह सुनिश्चित करना होगा कि शराब लंबे समय तक भंडारित न रहे।
  • समय सीमा: जैसे ही केमिकल लैब से रिपोर्ट आएगी, उसके 15 दिनों के भीतर शराब को नष्ट (Destroy) करना अनिवार्य होगा।

2. ऐसे होगी प्रक्रिया (Process)

​विभाग ने प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नियम तय किए हैं:

  • दो सैंपल: जब्त शराब के दो सैंपल बनाए जाएंगे।
    • विदेशी शराब: एक सैंपल ‘उत्पाद रसायन परीक्षक’ के पास जाएगा।
    • देसी शराब: एक सैंपल ‘जिला उत्पाद कार्यालय’ भेजा जाएगा।
    • बैकअप: दूसरा सैंपल ऑफिस में रिकॉर्ड (कांड विवरणी) के साथ सुरक्षित रहेगा।
  • धारा 30: अधिनियम की धारा-30 के तहत ब्रांड और बैच के अनुसार पूरी लिस्ट तैयार करनी होगी।

3. डीएम देंगे फाइनल ऑर्डर

​नष्ट करने की फाइल कैसे आगे बढ़ेगी, यह भी तय कर दिया गया है:

  1. ​जांच अधिकारी (IO) रिपोर्ट आने के बाद प्रस्ताव तैयार करेंगे।
  2. ​यह प्रस्ताव एसपी (SP) या उत्पाद अधीक्षक को सौंपा जाएगा।
  3. ​एसपी अपनी अनुशंसा के साथ फाइल जिला पदाधिकारी (DM) को भेजेंगे।
  4. ​अंत में डीएम शराब नष्ट करने का आदेश जारी करेंगे।

​इस SOP से न सिर्फ थानों में जगह खाली होगी, बल्कि जब्त गाड़ियों और जमीन की नीलामी भी अब एक ही नियम से होगी, जिससे पारदर्शिता आएगी।

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