बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के नए अध्यक्ष मृत्यंजय कुमार झा ने ग्रहण किया योगदान, संस्कृत शिक्षा को सुदृढ़ बनाने की कार्य योजनाएं घोषित

पटना | 16 जून 2025 – बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड (BSSB) को आज नया नेतृत्व मिला जब मृत्यंजय कुमार झा ने औपचारिक रूप से बोर्ड के अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाला। इस अवसर पर बोर्ड के सचिव नीरज कुमार, परीक्षा नियंत्रक उपेंद्र कुमार, तथा सभी बोर्डकर्मी मौजूद रहे।

बोर्ड के सदस्यों एवं विधान परिषद सदस्य निवेदिता सिंह, अनुरंजन झा और धनेश्वर प्रसाद कुशवाहा ने भी अपने पद का योगदान दिया।

संस्कृत शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में ठोस कार्य योजना

कार्यभार ग्रहण करने के बाद मृत्यंजय कुमार झा ने संस्कृत शिक्षा को राज्य में पुनः प्रतिष्ठित करने के उद्देश्य से कई योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा:

“हमारा प्रयास होगा कि संस्कृत विद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था को मजबूती दी जाए और पारंपरिक भारतीय गुरुकुल प्रणाली को आधुनिक शिक्षा पद्धति से जोड़ा जाए।”

प्रमुख कार्य योजनाएं:

  • ✅ संस्कृत विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था को प्राथमिकता देना।
  • ✅ पाठ्यक्रम का संशोधन कर उसे आधुनिक संदर्भ में प्रस्तुत करना।
  • ✅ डिजिटल संसाधनों के उपयोग से प्रशासनिक कार्यों का त्वरित समाधान।
  • ✅ छात्र संख्या में वृद्धि के लिए राज्यव्यापी जागरूकता अभियान।
  • ✅ ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से नामांकन और परीक्षाफल की पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
  • ✅ विद्यालयों की भवन, आधारभूत संरचना एवं संसाधन वृद्धि हेतु प्रयास।
  • ✅ संस्कृत विद्यालयों की भूमियों को अतिक्रमण मुक्त कराने हेतु अभियान।
  • ✅ ‘10 दिवसीय निःशुल्क संस्कृत सम्भाषण प्रशिक्षण वर्ग’ शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।

संस्कृत विद्यालयों का निरीक्षण होगा

श्री झा ने कहा कि जल्द ही एक टीम का गठन कर राज्य के सभी 648 प्रस्वीकृत संस्कृत विद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा, जिससे वास्तविक स्थिति का आंकलन कर सरकार के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सके।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति से कार्यक्रम रहा गरिमामय

इस खास अवसर पर कई शिक्षाविद्, प्रशासनिक अधिकारी और संस्कृत प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख नाम:

अमरेश कुमार चौधरी, डॉ. सुमित कुमार मंडन, हेमंत कुमार चौधरी, सुजीत मिश्रा, मीना झा, दुर्गानंद झा (IAS), डॉ. कुमुदानंद झा, रिता शर्मा, बब्लू कुमार, प्रभाकर झा, धर्मेंद्र कुमार भारद्वाज सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। वेद-पाठ के साथ नवनियुक्त अध्यक्ष का स्वागत किया गया।

बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड की स्थापना एवं उद्देश्य

बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड की स्थापना 1981 में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में संस्कृत भाषा, साहित्य और पारंपरिक भारतीय शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा देना और उसका संरक्षण करना है। बोर्ड मध्यमा (10वीं) स्तर तक की परीक्षा आयोजित करता है और राज्य के 648 मान्यता प्राप्त संस्कृत विद्यालयों को नियंत्रित करता है।

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