
पटना: बिहार में नई सरकार के गठन के बाद प्रशासनिक स्तर पर लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं। इसी क्रम में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है। 1991 बैच के आईएएस अधिकारी सीके अनिल को विभाग से हटाकर बिहार राज्य योजना परिषद में परामर्शी नियुक्त किया गया है।
सरकारी आदेश के अनुसार 2007 बैच के आईएएस अधिकारी जय सिंह को अब राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का पूर्ण प्रभार सौंपा गया है। वे पहले से ही इसी विभाग में सचिव पद पर कार्यरत थे और अब वे विभाग के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे।
योजना पर्षद में स्थानांतरण
सीके अनिल को योजना पर्षद में परामर्शी नियुक्त किया गया है, जिसे एक परामर्शात्मक भूमिका माना जाता है। प्रशासनिक हलकों में इसे एक महत्वपूर्ण विभाग से अपेक्षाकृत सीमित भूमिका वाले स्थानांतरण के रूप में देखा जा रहा है।
विभाग में लगातार बदलाव
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग हाल के वर्षों में कई बड़े बदलावों का केंद्र रहा है। इससे पहले भी विभाग में अधिकारियों के तबादले और जिम्मेदारियों में फेरबदल होते रहे हैं। नई सरकार के गठन के बाद एक बार फिर विभागीय ढांचे में बदलाव शुरू हो गया है।
हड़ताल और प्रशासनिक कार्रवाई की पृष्ठभूमि
पिछली सरकार के दौरान विभाग में हड़ताली राजस्व कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई की गई थी, जिसमें बड़े पैमाने पर निलंबन के आदेश भी जारी हुए थे। हालांकि बाद में कुछ निर्णयों में संशोधन किया गया, जिसके बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं।
प्रशासनिक दृष्टि से बदलाव का संकेत
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। वहीं राजनीतिक और प्रशासनिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम राज्य प्रशासन में नई प्राथमिकताओं और संतुलन की ओर इशारा करता है।
निष्कर्ष
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में यह फेरबदल बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में चल रहे व्यापक पुनर्गठन का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले समय में विभाग की कार्यशैली और नीति क्रियान्वयन पर इसका असर देखने को मिल सकता है।


