NEET UG री-एग्जाम फर्जीवाड़ा: पावापुरी मेडिकल कॉलेज पहुंची EOU, ढाई घंटे चली जांच

बिहारशरीफ: नीट यूजी री-एग्जाम में कथित फर्जीवाड़े की जांच के सिलसिले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम एक बार फिर पावापुरी मेडिकल कॉलेज पहुंची। टीम ने करीब ढाई घंटे तक कॉलेज में जांच-पड़ताल करते हुए आरोपित एमबीबीएस छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड, उपस्थिति विवरण और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहन जांच की।

प्राचार्य के साथ हुई विस्तृत बैठक

जांच के दौरान EOU अधिकारियों ने कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सर्विल कुमारी के साथ बैठक कर कई अहम बिंदुओं पर जानकारी ली। टीम ने आरोपित छात्रों से जुड़े—

  • शैक्षणिक अभिलेख,
  • उपस्थिति रिकॉर्ड,
  • पहचान संबंधी दस्तावेज,
  • परीक्षा से जुड़ी सूचनाओं

का सत्यापन किया।

इसके अलावा कॉलेज प्रशासन से यह भी जानकारी ली गई कि संबंधित छात्रों की गतिविधियों और परीक्षा अवधि के दौरान उनकी मौजूदगी से जुड़े कौन-कौन से रिकॉर्ड उपलब्ध हैं।

कर्मचारियों से भी हुई पूछताछ

सूत्रों के अनुसार, जांच टीम ने कॉलेज के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की। विशेष रूप से परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन, पहचान प्रक्रिया और संभावित मिलीभगत से जुड़े पहलुओं पर जानकारी जुटाई गई।

EOU अब पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और आपसी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। साथ ही आर्थिक लेन-देन और कथित सॉल्वर गैंग से जुड़े संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

री-एग्जाम के दिन तीन छात्र मिले थे अनुपस्थित

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि री-एग्जाम वाले दिन कॉलेज प्रशासन ने सभी छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए दो बार अटेंडेंस ली थी।

उस समय—

  • रविशंकर उर्फ सम्राट
  • रंजीत कुमार
  • एक अन्य छात्र

अनुपस्थित पाए गए थे। तीनों के मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ मिले थे।

पत्नी की जगह दूसरी छात्रा को बैठाने का आरोप

जांच एजेंसी के अनुसार, रविशंकर उर्फ सम्राट पर अपनी पत्नी के स्थान पर दिल्ली की एक एमबीबीएस छात्रा को री-एग्जाम में बैठाने की साजिश रचने का आरोप है।

वहीं रंजीत कुमार और तीसरे छात्र पर इस कथित साजिश में सहयोग करने तथा सॉल्वर गैंग के संपर्क में रहने का आरोप लगाया गया है।

जांच जारी

आर्थिक अपराध इकाई अब तीनों आरोपितों की भूमिका, उनके आपसी नेटवर्क और पूरे कथित फर्जीवाड़े में शामिल अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसी का फोकस पूरे रैकेट का खुलासा करने और इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान करने पर है।

  • ये भी पढ़े..

    राबड़ी देवी के भाई सुभाष यादव को पटना हाईकोर्ट से बड़ी राहत, जमीन विवाद की FIR रद्द; SSP, DSP और थानाध्यक्ष पर जुर्माना

    Share Add as a preferred…

    TRE-4 को लेकर बड़ा अपडेट: 25 जुलाई तक BPSC को जाएगी अधियाचना, अगस्त के पहले सप्ताह में आ सकता है नोटिफिकेशन

    Share Add as a preferred…