NEET छात्रा रेप-मौत मामला: आरोपी मनीष रंजन की जमानत पर फैसला सुरक्षित, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने CBI से पूछे कड़े सवाल

पटना: चर्चित NEET छात्रा रेप और मौत मामले में शंभू गर्ल्स हॉस्टल के भवन मालिक मनीष रंजन को फिलहाल राहत नहीं मिली है। बुधवार को पॉक्सो कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया और मामले की अगली सुनवाई गुरुवार के लिए तय की है। सुनवाई के दौरान अदालत ने जांच एजेंसी सीबीआई से कई अहम सवाल पूछे और जांच की धीमी प्रगति पर नाराजगी भी जताई।

करीब ढाई घंटे चली सुनवाई

पॉक्सो कोर्ट में इस मामले की सुनवाई करीब ढाई घंटे तक चली। इस दौरान सीबीआई की ओर से जांच से जुड़े दस्तावेज और रिपोर्ट अदालत के सामने पेश किए गए। बताया गया कि एजेंसी ने केस से संबंधित दस्तावेज चार बंडलों में कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए, जिनमें अब तक की जांच और साक्ष्यों की जानकारी शामिल है।

जांच में देरी पर अदालत ने जताई नाराजगी

सुनवाई के दौरान अदालत ने सीबीआई की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने पूछा कि पिछले करीब 20 दिनों से जांच एजेंसी इस मामले में सक्रिय क्यों नहीं दिख रही है और अब तक जांच में ठोस प्रगति क्यों नहीं हुई। अदालत ने यह भी पूछा कि जब इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी, तब क्या एजेंसी को यह जानकारी नहीं थी कि आरोपी मनीष रंजन पहले से न्यायिक हिरासत में हैं।

गैरकानूनी हिरासत को लेकर भी उठा सवाल

अदालत ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि जांच एजेंसी की लापरवाही के कारण आरोपी 14 फरवरी से 11 मार्च तक जेल में रहे हैं, तो इसे गैरकानूनी हिरासत के रूप में क्यों न माना जाए। कोर्ट ने यह भी पूछा कि यदि ऐसा पाया जाता है, तो उस अवधि के लिए आरोपी को मिलने वाले मुआवजे की जिम्मेदारी किसकी होगी।

CBI से मांगा स्पष्ट जवाब

मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने सीबीआई से इन सभी सवालों पर स्पष्ट जवाब देने को कहा है। कोर्ट ने संकेत दिया कि जांच में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और एजेंसी को अपनी कार्रवाई का पूरा ब्योरा देना होगा।

गुरुवार को फिर होगी सुनवाई

अब इस मामले में आगे की सुनवाई गुरुवार को होगी। उस दिन अदालत मनीष रंजन की जमानत याचिका और जांच की मौजूदा स्थिति पर फिर से विचार करेगी। इस केस को लेकर पहले से ही राज्यभर में काफी चर्चा है और अदालत की अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

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