
पटना: बिहार की राजधानी पटना के बाढ़ अनुमंडल में शराब माफिया के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस टीम के साथ एक बड़ा हादसा हो गया। भदौर थाना क्षेत्र में छापेमारी करने पहुंची पुलिस टीम के एक अधिकारी छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल अधिकारी की पहचान एएसआई संजय कुमार के रूप में हुई है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है।
अपराधी की गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी पुलिस टीम
मिली जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि भदौर गांव में शराब के एक मामले में फरार चल रहा आरोपी अपने घर में छिपा हुआ है। इसी सूचना के आधार पर भदौर थाना की पुलिस टीम देर रात आरोपी को पकड़ने के लिए उसके घर पहुंची। पुलिस ने घर को चारों तरफ से घेरकर दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
छत के रास्ते घर में घुसने की कोशिश
आरोपी के फरार होने की आशंका को देखते हुए पुलिस टीम ने घर के अंदर प्रवेश करने के लिए छत का सहारा लिया। एएसआई संजय कुमार अन्य पुलिसकर्मियों के साथ जुगाड़ के सहारे छत पर चढ़ गए, ताकि ऊपर से घर के भीतर पहुंचकर आरोपी को पकड़ा जा सके।
अंधेरे में फिसला पैर, नीचे गिरकर हुए घायल
बताया जा रहा है कि छत पर चढ़ने के बाद जब पुलिसकर्मी तलाशी ले रहे थे, उसी दौरान अंधेरा होने के कारण एएसआई संजय कुमार का संतुलन बिगड़ गया। उनका पैर छज्जे से फिसल गया और वह सीधे नीचे जमीन पर गिर पड़े। अचानक हुई इस घटना से पुलिस टीम में अफरा-तफरी मच गई।
आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार
घटना के बाद पुलिसकर्मियों ने तुरंत अपने घायल साथी को संभाला और छापेमारी की कार्रवाई को रोक दिया। इसी बीच आरोपी अंधेरे और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।
अस्पताल में प्राथमिक उपचार, फिर पटना रेफर
घायल एएसआई को तुरंत बाढ़ अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। जांच के दौरान पता चला कि उनके बाएं पैर और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना के बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया।
शराब माफियाओं के खिलाफ अभियान जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस हादसे के बावजूद शराब तस्करों और माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के दौरान पुलिसकर्मियों को कितनी जोखिम भरी परिस्थितियों में काम करना पड़ता है, लेकिन इसके बावजूद वे अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में पीछे नहीं हटते।


