
नालंदा (पावापुरी)। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET के पेपर लीक मामले की जांच का दायरा अब नालंदा तक पहुँच गया है। बुधवार को पावापुरी स्थित वर्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान (VIMS) के बॉयज हॉस्टल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की एक विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर बड़ी छापेमारी की। यह कार्रवाई पेपर लीक से जुड़े ‘सॉल्वर गैंग’ के मुख्य सदस्य और मास्टरमाइंड बताए जा रहे उज्ज्वल कुमार उर्फ़ राजा बाबू की तलाश में की गई है। आईबी की टीम ने मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल संख्या 502 में घंटों तक तलाशी ली और महत्वपूर्ण सुराग जुटाने की कोशिश की। जांच एजेंसियों की इस अचानक दबिश से मेडिकल छात्रों के बीच हड़कंप मच गया है और कोई भी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
मास्टरमाइंड के ठिकाने पर दबिश, ताला तोड़कर घुसी टीम
सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड उज्ज्वल कुमार उर्फ़ राजा बाबू के ठिकानों की तलाश में जुटी आईबी और स्थानीय पुलिस की टीम सीधे पावापुरी मेडिकल कॉलेज के बॉयज हॉस्टल संख्या 502 पहुँची। यहाँ कमरा संख्या 110, जो 2024 बैच के छात्र अवधेश कुमार के नाम पर आवंटित है, जांच का मुख्य केंद्र रहा। पुलिस को सूचना मिली थी कि फरार चल रहा उज्ज्वल कुमार अक्सर यहाँ ठहरता था और यहीं से सॉल्वर गैंग की गतिविधियों को संचालित किया जा रहा था।
जब टीम कमरे के पास पहुँची तो वह बाहर से बंद पाया गया। जांच एजेंसियों ने बिना वक्त गंवाए कमरे का ताला तोड़ दिया और अंदर सघन तलाशी अभियान चलाया। कमरे के भीतर से कई दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगाला गया है। बताया जा रहा है कि अवधेश कुमार को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन उसके कमरे का इस्तेमाल उज्ज्वल कुमार द्वारा सुरक्षित ठिकाने के रूप में किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान आईबी की टीम ने बेहद गोपनीयता बरती और मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब देने से बचती रही।
छात्रों में सन्नाटा, कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं
मेडिकल कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के हॉस्टल में खुफिया विभाग की छापेमारी की खबर जैसे ही फैली, अन्य छात्रों में खौफ का माहौल पैदा हो गया। आमतौर पर चहल-पहल से गुलजार रहने वाले हॉस्टल में सन्नाटा पसर गया। अधिकांश छात्र अपने कमरों में दुबक गए। जांच एजेंसियों ने कुछ छात्रों से संक्षिप्त पूछताछ भी की, लेकिन किसी ने भी उज्ज्वल कुमार या अवधेश कुमार के बारे में कुछ भी स्पष्ट बताने से इनकार कर दिया। छात्रों के बीच यह डर व्याप्त है कि कहीं मास्टरमाइंड से तार जुड़े होने के शक में प्रशासन उन पर भी कार्रवाई न कर दे।
छात्रों की खामोशी इस बात की ओर इशारा कर रही है कि हॉस्टल के भीतर सॉल्वर गैंग की जड़ें काफी गहरी हो सकती हैं। सूत्रों की मानें तो जांच एजेंसियां अब उन छात्रों की सूची भी तैयार कर रही हैं जो उज्ज्वल कुमार के संपर्क में थे। हॉस्टल प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन ने भी इस छापेमारी पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, जिससे अटकलों का बाजार और गर्म हो गया है।
अब तक 7 गिरफ्तार, राजा बाबू की तलाश में छापेमारी तेज
NEET पेपर लीक मामले में अब तक की जांच में सॉल्वर गैंग के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस इस मामले में अब तक अवधेश कुमार सहित सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इन सभी से अलग-अलग ठिकानों पर पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के ऊपरी स्तर तक पहुँचा जा सके। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उज्ज्वल कुमार उर्फ़ राजा बाबू ही वह मुख्य कड़ी है जो परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और उनके स्थान पर ‘सॉल्वर’ बिठाने की सेटिंग करता था।
उज्ज्वल कुमार फिलहाल फरार चल रहा है और उसके संभावित ठिकानों की तलाश में न केवल बिहार, बल्कि अन्य राज्यों में भी पुलिस की विशेष टीमें छापेमारी कर रही हैं। आईबी का इस मामले में शामिल होना यह दर्शाता है कि पेपर लीक का यह मामला केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार राष्ट्रीय स्तर के शिक्षा माफियाओं से जुड़े हुए हैं।
सॉल्वर गैंग का कार्य करने का तरीका
जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह मेडिकल और इंजीनियरिंग के प्रतिभाशाली छात्रों को लालच देकर उन्हें सॉल्वर के रूप में इस्तेमाल करता था। नालंदा के मेडिकल कॉलेज के छात्रों का नाम इस मामले में जुड़ना बेहद चिंताजनक माना जा रहा है। गिरोह के सदस्य मेधावी छात्रों को मोटी रकम का प्रलोभन देते थे ताकि वे असली परीक्षार्थी के स्थान पर परीक्षा दे सकें या फिर विभिन्न उपकरणों के माध्यम से परीक्षा हॉल के भीतर उत्तर पहुँचा सकें।
उज्ज्वल कुमार इसी सिंडिकेट का मास्टरमाइंड माना जाता है, जो मेडिकल कॉलेजों के हॉस्टल को अपना सुरक्षित अड्डा बनाता था ताकि किसी को उस पर शक न हो। पावापुरी मेडिकल कॉलेज में हुई छापेमारी इसी कड़ी का हिस्सा है, जहाँ से गैंग के वित्तीय लेन-देन और अभ्यर्थियों की सूची मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि यह एक संवेदनशील जांच का हिस्सा है और समय आने पर ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। फिलहाल हॉस्टल संख्या 502 के उस कमरे को फिर से सील कर दिया गया है।


