​नवादा में बालू माफिया का दुस्साहस: पुलिस टीम पर हमला कर एएसआई को ट्रैक्टर से रौंदा, एसपी के नेतृत्व में 28 उपद्रवी गिरफ्तार

नवादा/नारदीगंज। बिहार में अवैध खनन और बालू माफिया के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसकी एक बेहद खौफनाक और दुस्साहसिक तस्वीर नवादा जिले से सामने आई है। जिले के नारदीगंज थाना क्षेत्र में अवैध बालू के कारोबार पर अंकुश लगाने और जांच करने गई पुलिस टीम पर बालू माफिया के सिंडिकेट ने जानलेवा हमला बोल दिया। इस हिंसक झड़प के दौरान अपराधियों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए ड्यूटी पर तैनात एक एएसआई (जमादार) को बालू लदे ट्रैक्टर से रौंद दिया। हमले में अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनकी स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। माफिया की ओर से किए गए इस अप्रत्याशित हमले में पुलिस टीम को पीछे धकेलने के लिए भारी पथराव भी किया गया, जिसमें नारदीगंज के थानाध्यक्ष सहित दो अन्य पुलिस पदाधिकारी मामूली रूप से चोटिल हुए हैं। इस दुस्साहस के बाद पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर पूरे जिले की पुलिस फोर्स को अलर्ट मोड पर डाल दिया गया और अपराधियों के खिलाफ एक व्यापक सैन्य शैली में ऑपरेशन शुरू किया गया।

नालंदा सीमा पर वनगंगा पहाड़ के पास खूनी संघर्ष

​यह पूरी घटना बुधवार की देर शाम की बताई जा रही है। नारदीगंज थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नालंदा जिले की सीमा से सटे और नारदीगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वनगंगा पहाड़ के किनारे अवैध रूप से बालू का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। सूचना के आलोक में नारदीगंज पुलिस की एक टीम चिन्हित स्थल की ओर रवाना हुई। जैसे ही पुलिस बल केशौरिया-पथरा गांव के समीप पहुँचा, वहां अवैध बालू लदे कई ट्रैक्टरों का काफिला दिखाई दिया। पुलिस ने जब इन वाहनों को रोकने का प्रयास किया, तो वहां पहले से घात लगाए बैठे बालू माफिया के गुर्गों और स्थानीय उपद्रवियों ने पुलिस टीम को चारों तरफ से घेर लिया।

​देखते ही देखते अपराधियों ने पुलिस टीम पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया और भारी पथराव शुरू कर दिया। इस अचानक हुए हमले से पुलिस संभल पाती, इससे पहले ही एक अनियंत्रित ट्रैक्टर चालक ने तेजी से वाहन बढ़ाते हुए वहां तैनात एएसआई नागेंद्र कुमार को अपनी चपेट में ले लिया। ट्रैक्टर का भारी चक्का पुलिस अधिकारी को रौंदता हुआ निकल गया, जिससे वे वहीं पर अचेत होकर गिर पड़े। चारों तरफ फैले घने अंधेरे और पथराव की तीव्रता का लाभ उठाकर ट्रैक्टर चालक और उसके सहयोगी मौके से भागने में सफल रहे। हाथापाई और रोड़ेबाजी में थानाध्यक्ष को भी चोटें आईं, लेकिन उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत जिला मुख्यालय को अतिरिक्त बल के लिए संदेश भेजा।

घायल एएसआई की हालत नाजुक, उच्च संस्थान में रेफर

​इस बर्बर हमले में गंभीर रूप से घायल नारदीगंज थाने के एएसआई नागेंद्र कुमार को खून से लथपथ स्थिति में पुलिस कर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत नारदीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया। प्राथमिक चिकित्सालय के डॉक्टरों ने बताया कि आंतरिक चोटें और हड्डियों के टूटने के कारण नागेंद्र कुमार की हालत बेहद चिंताजनक थी। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज और जीवन रक्षक प्रणाली के सहयोग के लिए तत्काल नवादा जिला अस्पताल भेजा गया।

​नवादा के चिकित्सकों ने भी उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए और शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में आई गंभीर चोटों के मद्देनजर उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थान (हायर सेंटर) के लिए रेफर कर दिया है। पुलिस विभाग के वरीय अधिकारी लगातार घायल एएसआई के स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं और उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर फील्ड में काम करने वाले पुलिस कर्मियों की सुरक्षा और ऑन-ड्यूटी जोखिमों को लेकर पुलिस एसोसिएशन के भीतर भी चिंता बढ़ा दी है।

नवादा एसपी का बड़ा एक्शन: छह थानों की पुलिस ने डाला डेरा

​वर्दी पर हुए इस सीधे हमले को नवादा के पुलिस कप्तान (SP) अभिनव धीमान ने अत्यंत गंभीरता से लिया। अपराधियों को यह कड़ा संदेश देने के लिए कि कानून को हाथ में लेने का अंजाम क्या होता है, एसपी खुद रात में ही ऑपरेशन की कमान संभालने नारदीगंज पहुँचे। उनके नेतृत्व में एक विशाल प्रशासनिक और पुलिसिया अमले का गठन किया गया, जिसमें दो तेजतर्रार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी—SDPO सदर-एक हुलाश कुमार और SDPO सदर-दो राहुल सिंह को शामिल किया गया।

​इसके साथ ही जिले के छह अलग-अलग थानों की पुलिस टीमों को एक साथ मिलाकर गुरुवार की सुबह तड़के कैशौरिया गांव में एक बड़ा कॉम्बिंग ऑपरेशन (घेराबंदी और छापेमारी) शुरू किया गया। भारी संख्या में पुलिस बल को देखकर गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस ने गांव के उन सभी संभावित ठिकानों, छतों और घरों की तलाशी ली, जहाँ हमले के आरोपियों के छिपे होने की आशंका थी। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती और घटना में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल तत्वों को चिन्हित करना शुरू किया।

28 आरोपी गिरफ्तार, भारी मात्रा में वाहन और गाड़ियां जब्त

​गुरुवार को दिनभर चली इस व्यापक छापेमारी के बाद पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसपी अभिनव धीमान के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने इस जानलेवा हमले में शामिल कुल 28 नामजद और संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी कैशौरिया गांव के ही रहने वाले हैं, जिन्होंने बुधवार की रात संगठित होकर पुलिस टीम पर पथराव किया था और ट्रैक्टर से रौंदने की साजिश में शामिल थे।

​गिरफ्तारियों के अलावा पुलिस ने घटनास्थल और गांव के विभिन्न हिस्सों से अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों का एक बड़ा जत्था भी जब्त किया है। जब्त किए गए सामानों की सूची इस प्रकार है:

  • ट्रैक्टर: 02 (अवैध बालू ढुलाई और हमले में प्रयुक्त संभावित वाहन)
  • स्कॉर्पियो: 01 (माफिया के गुर्गों द्वारा रेकी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली गाड़ी)
  • मोटरसाइकिलें: 20 (घटनास्थल पर उपद्रवियों द्वारा छोड़ी गई और गांव से बरामद बाइक)

​पुलिस इन सभी जब्त वाहनों के पंजीकरण नंबर और मालिकों के विवरण खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस बालू सिंडिकेट के पीछे असली फाइनेंसर और मास्टरमाइंड कौन हैं।

सीमावर्ती इलाकों में बालू सिंडिकेट का जाल

​नवादा और नालंदा जिलों की सीमा पर स्थित भौगोलिक संरचना, जिसमें पहाड़ और सूखी नदियां शामिल हैं, बालू माफिया के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह बनती जा रही है। स्थानीय जानकारों के अनुसार, इस सीमावर्ती इलाके में अवैध बालू का खनन कर उसे दूसरे जिलों और शहरों में ऊंचे दामों पर बेचा जाता है। चूंकि यह क्षेत्र दो जिलों की सीमाओं को छूता है, अपराधी अक्सर एक जिले में अपराध कर दूसरे जिले की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे क्षेत्राधिकार के विवाद के कारण पुलिसिया कार्रवाई सुस्त पड़ जाती थी।

​लेकिन इस बार नवादा पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि सीमाओं का यह फायदा अपराधियों को नहीं मिलने दिया जाएगा। पुलिस अब नालंदा जिला प्रशासन से भी संपर्क साध रही है ताकि इस गिरोह के उन सदस्यों को भी पकड़ा जा सके जो नालंदा के क्षेत्रों में शरण लिए हुए हैं। गिरफ्तार किए गए 28 आरोपियों के खिलाफ नारदीगंज थाने में हत्या के प्रयास (Attempt to Murder), सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस बल पर जानलेवा हमला करने और अवैध खनन अधिनियम की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।

प्रशासनिक रुख और अग्रतर तफ्तीश

​एसपी अभिनव धीमान ने कड़े शब्दों में कहा है कि जिले के भीतर किसी भी प्रकार के अवैध धंधे और माफिया राज को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस टीम पर हमला करने वाले तत्वों के खिलाफ ऐसी कानूनी कार्रवाई की जाएगी जो भविष्य के लिए एक नजीर बने। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए आरोपियों का पिछला आपराधिक इतिहास (Criminal History) भी खंगाल रही है ताकि यह देखा जा सके कि इनमें से कितने लोग पहले भी जेल जा चुके हैं।

​इलाके में तनावपूर्ण शांति को देखते हुए कैशौरिया और पथरा गांव के आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती अभी भी बरकरार रखी गई है। पुलिस की गश्ती गाड़ियां लगातार वनगंगा पहाड़ी के रास्तों पर मार्च कर रही हैं ताकि अवैध खनन को पूरी तरह से ठप किया जा सके। स्थानीय प्रशासन ने खनन विभाग को भी पत्र लिखकर इस क्षेत्र के बालू घाटों की पैमाइश और सुरक्षा ऑडिट करने को कहा है। फिलहाल, सभी 28 आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जबकि घायल एएसआई नागेंद्र कुमार के स्वास्थ्य लाभ के लिए पुलिस महकमा और उनके परिजन प्रार्थना कर रहे हैं।

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