
नवादा, 16 मई 2026। बिहार के नवादा जिले में अवैध बालू खनन पर अंकुश लगाने गई प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम पर हमले की एक बेहद गंभीर और दुस्साहसिक घटना सामने आई है। हिसुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लटावर गांव के पास बहने वाली ढाढर नदी में अवैध बालू उत्खनन को रोकने गई खनन विभाग और स्थानीय पुलिस की टीम पर बालू माफिया के गुर्गों ने सरेआम फायरिंग कर दी। इस हिंसक झड़प के दौरान अपराधी न केवल कानून को चुनौती देते हुए पकड़े गए ट्रैक्टर और उसके चालक को पुलिस अभिरक्षा से जबरन छुड़ाकर भागने में सफल रहे, बल्कि उन्होंने अधिकारियों को सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी भी दी। इस अचानक हुए हमले से नदी घाट पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पड़ोसी जिले की पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन चलाया और मामले में संलिप्त दो ट्रैक्टरों को जब्त करने में सफलता हासिल की है। इस पूरे मामले को लेकर खनन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपियों के खिलाफ लाखों रुपये का भारी-भरकम वित्तीय जुर्माना भी लगाया है।
लटावर घाट पर छापेमारी और नदी में फंसे ट्रैक्टर की कहानी
नवादा जिले की विभिन्न नदियों में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और राज्य सरकार के कड़े विधिक निर्देशों के बावजूद बालू का अवैध उठाव धड़ल्ले से जारी है। इसी गुप्त सूचना के आधार पर खनन विभाग के अधिकारियों और हिसुआ थाने की पुलिस ने एक संयुक्त विशेष कार्यबल का गठन किया था। शुक्रवार को जब यह टीम लटावर गांव के समीप ढाढर नदी घाट पर औचक निरीक्षण और छापेमारी के लिए पहुंची, तो वहां का नजारा बेहद संदेहास्पद था। नदी के बीचो-बीच तीन बड़े ट्रैक्टरों पर अवैध रूप से बालू की लोडिंग की जा रही थी और दर्जनों मजदूर इस काम में लगे हुए थे।
पुलिस और प्रशासनिक वाहनों की आहट पाते ही घाट पर भगदड़ मच गई। ट्रैक्टरों के चालक कानून के शिकंजे से बचने के लिए अपने-अपने वाहनों को तेज गति से दौड़ाते हुए नदी से बाहर निकालने का प्रयास करने लगे। इसी आपाधापी में दो ट्रैक्टर बालू लेकर सुरक्षित रास्तों से भाग निकलने में सफल रहे, लेकिन तीसरा ट्रैक्टर बालू का अत्यधिक वजन होने और नदी की गीली मिट्टी व दलदल के कारण बीच धारा में ही फंस गया। टीम ने बिना कोई समय गंवाए मुस्तैदी दिखाई और घेराबंदी करके उस फंसे हुए ट्रैक्टर के चालक को मौके पर ही दबोच लिया।
पिस्तौल तानकर एक राउंड फायरिंग और पुलिस अभिरक्षा से फरार आरोपी
पुलिस की गिरफ्त में आए चालक ने प्रारंभिक पूछताछ में अपनी पहचान हर्षित राज उर्फ मदन गोपाल के रूप में बताई, जो गया जिले के अतरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बैकटपुर गांव का निवासी है। पुलिस टीम जब उस जब्त ट्रैक्टर को नदी से बाहर निकालने और चालक को विधिक रूप से थाने ले जाने की कागजी प्रक्रिया पूरी कर ही रही थी, तभी बालू माफिया के समर्थक और स्थानीय गुर्गे लाठी-डंडों और हथियारों के साथ वहां आ धमके।
इसी बीच भीड़ में से एक युवक, जिसकी पहचान बाद में राजगोपाल के रूप में की गई, आगे बढ़ा और उसने सीधे छापेमारी टीम के अधिकारियों पर पिस्तौल तान दी। कानून का भय पूरी तरह से ताक पर रखकर राजगोपाल ने हवा में एक राउंड फायरिंग कर दी। गोली की आवाज सुनते ही नदी घाट पर मौजूद पुलिस कर्मी और मजदूर अपनी जान बचाने के लिए पीछे हटे। इस सामरिक बढ़त का फायदा उठाते हुए अपराधियों ने गोली मार देने की सीधी विधिक धमकी दी और पुलिस के कब्जे से पकड़े गए चालक हर्षित राज और उस फंसे हुए बालू लदे ट्रैक्टर को जबरन छुड़ा लिया। इसके बाद सभी आरोपी ट्रैक्टर सहित अतरी थाना क्षेत्र की सीमा की ओर भाग निकले।
दो जिलों की पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन और दो ट्रैक्टरों की जब्ती
हिसुआ पुलिस पर हुए इस सशस्त्र हमले की सूचना मिलते ही नवादा जिला पुलिस मुख्यालय तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया। चूंकि अपराधी गया जिले की भौगोलिक सीमा की ओर भागे थे, इसलिए हिसुआ पुलिस ने बिना कोई समय गंवाए गया जिले की अतरी थाना पुलिस से संपर्क साधा और एक अंतर-जिला संयुक्त ऑपरेशन की रूपरेखा तैयार की। नवादा और गया जिले की पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से अतरी थाना क्षेत्र के बैकटपुर और दरियापुर गांवों में संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी।
इस सघन विधिक छापेमारी के दौरान अपराधी तो रात के अंधेरे का फायदा उठाकर गांवों से भाग निकले, लेकिन पुलिस ने अवैध बालू खनन और इस पूरे नेटवर्क में इस्तेमाल किए जा रहे दो अन्य महत्वपूर्ण ट्रैक्टरों को चिन्हित कर विधिक रूप से जब्त कर लिया। इन वाहनों को जब्त कर संबंधित पुलिस कैंप में सुरक्षित रखवाया गया है। पुलिस का मानना है कि इन ट्रैक्टरों के इंजन और चेसिस नंबर के जरिए बालू माफिया के पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सकेगी, जो नवादा और गया की सीमावर्ती नदियों को अपनी अवैध कमाई का जरिया बना चुके हैं।
अवैध उत्खनन पर 26 लाख से अधिक का भारी-भरकम जुर्माना
इस दुस्साहसिक घटना के बाद खनन विभाग ने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने और अवैध रूप से प्राकृतिक संसाधनों की चोरी करने के मामले में अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय कार्रवाई की है। खान निरीक्षक संतोष प्रकाश झा द्वारा तैयार की गई विधिक रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे अवैध उत्खनन मामले में शामिल विभिन्न पक्षों पर कुल 26 लाख 78 हजार 125 रुपये का भारी-भरकम जुर्माना अधिरोपित किया गया है, जिसकी वसूली के लिए विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जुर्माने का विस्तृत और विधिक वर्गीकरण:
- वाहनों पर जुर्माना: छापेमारी के दौरान चिन्हित और जब्त किए गए दोनों ट्रैक्टरों पर क्रमशः 1 लाख 142 रुपये और 1 लाख रुपये का अलग से पर्यावरण क्षति जुर्माना लगाया गया है।
- पहले ट्रैक्टर के मालिक और चालक पर: अवैध बालू परिवहन के विधिक उल्लंघन के मामले में एक ट्रैक्टर के मालिक और उसके चालक पर संयुक्त रूप से 4 लाख 82 हजार 730 रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है।
- दूसरे ट्रैक्टर के मालिक और चालक पर: इसी श्रेणी के तहत दूसरे ट्रैक्टर के प्रबंधन पर 4 लाख 82 हजार 589 रुपये की जुर्माना राशि देय बनाई गई है।
- शेष नामजद आरोपियों पर: इस घटना में संलिप्त और सिंडिकेट का हिस्सा रहे अन्य पांच मुख्य आरोपियों पर प्रति व्यक्ति 3 लाख 82 हजार 589 रुपये का व्यक्तिगत जुर्माना लगाया गया है, जिसे वसूलना अनिवार्य बताया गया है।
छह मुख्य आरोपियों पर नामजद प्राथमिकी, भविष्यवाणी के तहत छापेमारी जारी
इस गंभीर वारदात को लेकर कानून सम्मत विधिक कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए खान निरीक्षक संतोष प्रकाश झा ने हिसुआ थाने में एक विस्तृत लिखित आवेदन देकर कांड संख्या 259/26 के तहत एक नियमित मुकदमा दर्ज कराया है। इस प्राथमिकी में अवैध बालू के ठेकेदारों, ट्रैक्टर स्वामियों, चालकों और पुलिस पर फायरिंग करने वाले मुख्य शूटर सहित कुल छह लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।
प्राथमिकी में दर्ज नामजद आरोपियों का विवरण इस प्रकार है:
- विकास कुमार: निवासी दरियापुर, जो अवैध बालू सिंडिकेट के प्रबंधन से जुड़ा बताया जाता है।
- दारोगी कुमार: निवासी पुरा, वजीरगंज (गया), जो वाहनों के संचालन में संलिप्त था।
- सुजित कुमार: निवासी लटावर, जिसने स्थानीय स्तर पर माफिया को संरक्षण दिया।
- प्रभात रंजन उर्फ धुन कुमार: निवासी लटावर, जो नदी घाट पर अवैध गतिविधियों की निगरानी कर रहा था।
- गुड्डु कुमार: निवासी लटावर, जो पुलिस टीम पर हमले की योजना में शामिल था।
- राजगोपाल: निवासी बैकटपुर (अतरी, गया), जिसने पुलिस टीम पर पिस्तौल से फायरिंग की और आरोपी को छुड़ाया।
हिसुआ के थानाध्यक्ष मृत्युंजय ने इस संदर्भ में आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि खान निरीक्षक के आवेदन के आधार पर आर्म्स एक्ट, सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस बल पर जानलेवा हमला करने और चोरी की नियत से खनिज संपदा का दोहन करने की सुसंगत धाराओं के तहत विधिक मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं जो गया और नवादा के विभिन्न संभावित ठिकानों पर राजगोपाल और हर्षित राज की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं। थानाध्यक्ष ने आश्वस्त किया है कि बहुत जल्द ही सभी नामजद आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजकर इस वित्तीय जुर्माने की वसूली की विधिक प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।


