
जयपुर/रेवाड़ी, 27 जून | भारतीय नौसेना के गोपनीय अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़ी जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को लीक करने के आरोप में नौसेना भवन (दिल्ली) के डॉकयार्ड निदेशालय में तैनात अपर डिवीजन क्लर्क (यूडीसी) विशाल यादव को राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने जयपुर से गिरफ्तार किया है।
आईजी विष्णु कांत गुप्ता ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने खुफिया जानकारी के बदले 2 लाख रुपये लिए थे, जिसमें से ₹50,000 ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी जानकारियां देने के लिए प्राप्त हुए थे। कुछ भुगतान क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भी किया गया।
फेसबुक से शुरू हुई थी बातचीत
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, विशाल यादव को सबसे पहले एक पाकिस्तानी एजेंट ने ‘प्रिया शर्मा’ नाम की फर्जी फेसबुक आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। बाद में दोनों के बीच नियमित बातचीत शुरू हुई जो व्हाट्सऐप और फिर टेलीग्राम तक पहुंच गई। इस दौरान विशाल ने नौसेना से जुड़े गोपनीय दस्तावेज स्कैन कर एजेंट को भेजे।
कौन-कौन से दस्तावेज लीक हुए, जांच जारी
पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है और यह पता लगाया जा रहा है कि विशाल को किन दस्तावेजों तक पहुंच थी और उसने कितनी बार जानकारियां साझा कीं।
छह साल पहले हुआ था भर्ती, हरियाणा का रहने वाला
गिरफ्तार आरोपी विशाल यादव मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी जिले के गांव पुंसिका का निवासी है और हाल ही में रेवाड़ी की उत्तम नगर कॉलोनी में परिवार सहित रह रहा था। छह साल पहले वह नौसेना में भर्ती हुआ था। उसके पिता स्व. सुनील यादव हरियाणा पुलिस में एएसआई पद पर कार्यरत थे जिनकी 12 साल पहले एक सड़क हादसे में मृत्यु हो गई थी।
वर्तमान में उसकी पत्नी सान्या बच्चों के साथ मायके गई हुई है जबकि वह अपनी मां के साथ रह रहा था। पुलिस द्वारा उसके रेवाड़ी स्थित आवास पर ताला बंद पाया गया है।


