
भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने आरोप लगाया है कि उसे अपनी ही ससुराल में तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ लगातार मारपीट की गई। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए युवक को मुक्त कराया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। इस पूरे मामले ने क्षेत्र में कई सवाल खड़े कर दिए हैं और लोगों के बीच इसकी व्यापक चर्चा हो रही है।
मामला नवगछिया थाना क्षेत्र के चंद नगर गांव का बताया जा रहा है। पीड़ित युवक की पहचान सहरसा जिले के सलखुआ थाना क्षेत्र के मुबारकपुर निवासी 26 वर्षीय केसर आलम के रूप में हुई है। युवक मजदूरी के सिलसिले में पटना में रहता है और वहीं काम करता है। परिजनों के अनुसार वह अपने बच्चे की छठी समारोह में शामिल होने के लिए चंद नगर स्थित ससुराल पहुंचा था, लेकिन वहां उसके साथ जो हुआ उसने सभी को हैरान कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि युवक के ससुराल पक्ष के लोग पहले से ही उससे नाराज चल रहे थे। बताया जाता है कि कुछ समय पहले उसका छोटा साला भी उसके साथ पटना में रह रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने उस पर पैसे निकालने का आरोप लगाया था, जिसके बाद केसर आलम ने अपने साले की पिटाई कर दी थी। आरोप है कि इसी घटना को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव चल रहा था और ससुराल पक्ष इस बात को लेकर नाराज था।
बताया जा रहा है कि जब केसर आलम अपने बच्चे की छठी में शामिल होने के लिए ससुराल पहुंचा तो वहां मौजूद लोगों ने उसे वापस जाने नहीं दिया। आरोप है कि उसे घर में ही रोककर रखा गया और लगातार तीन दिनों तक उसके साथ मारपीट की गई। पीड़ित पक्ष का दावा है कि इस दौरान उसके साथ अमानवीय व्यवहार भी किया गया। युवक के शरीर पर कई जगह चोट और जख्म के निशान पाए गए हैं, जिससे मारपीट के आरोपों को बल मिलता है।
घटना उस समय सार्वजनिक हुई जब किसी व्यक्ति ने मारपीट का वीडियो बना लिया और वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो तेजी से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैल गया और देखते ही देखते यह मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। वायरल वीडियो की जानकारी जब युवक के परिजनों तक पहुंची तो उन्होंने तत्काल पुलिस से संपर्क किया और युवक को मुक्त कराने की मांग की।
पीड़ित परिवार के सदस्य नवगछिया थाना पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई करते हुए चंद नगर गांव पहुंची। पुलिस टीम ने युवक को वहां से मुक्त कराया और इलाज के लिए अनुमंडल अस्पताल नवगछिया में भर्ती कराया। अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा उसका इलाज किया जा रहा है और उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
घायल युवक की पत्नी रुखसाना खातून ने भी अपने पति के साथ मारपीट की घटना की पुष्टि की है। उनका आरोप है कि उनके पति बच्चे की छठी में शामिल होने के लिए आए थे, लेकिन उनके भाइयों और अन्य परिजनों ने उन्हें बंधक बनाकर पीटना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई बार हस्तक्षेप करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। पत्नी के बयान के बाद मामला और गंभीर हो गया है।
पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस को दिए गए आवेदन में कई लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। आवेदन में निहाल कुमार, कुर्बान कुमार, चंद कुमार, सूरज कुमार, जुली खातून, हाफिज खातून और समा खातून के नाम शामिल किए गए हैं। परिवार ने सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की अपील की है।
मामला यहीं समाप्त नहीं हुआ। अस्पताल में इलाज के दौरान एक और विवाद सामने आया, जिसने पूरे घटनाक्रम को और अधिक संवेदनशील बना दिया। जानकारी के अनुसार जब केसर आलम का इलाज चल रहा था, उसी दौरान उसके ससुर, साले और अन्य परिजन अस्पताल पहुंच गए। वहां दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी बहस हुई और फिर विवाद मारपीट में बदल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और अस्पताल के भीतर तथा बाहर हाथापाई की स्थिति उत्पन्न हो गई। बताया जा रहा है कि अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों की मौजूदगी में भी विवाद शांत नहीं हो सका और काफी देर तक तनाव बना रहा। बाद में अस्पताल परिसर के बाहर सड़क पर भी दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच झड़प होने की बात सामने आई।
इस झड़प में कुछ अन्य लोग भी घायल हो गए। इनमें एक किशोर और युवक के ससुर शामिल बताए जा रहे हैं। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया। अस्पताल में हुए इस विवाद ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले को लेकर नवगछिया थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित पक्ष का आवेदन प्राप्त हो चुका है और वायरल वीडियो सहित सभी तथ्यों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वीडियो की सत्यता और घटना की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह बेहद गंभीर मामला है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो सके। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद भी इस घटना की एक बड़ी वजह हो सकता है, इसलिए जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ पाएगी।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की छानबीन कर रही है। वायरल वीडियो, पीड़ित के बयान, परिजनों की शिकायत और अस्पताल में हुई घटना समेत सभी तथ्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। क्षेत्र के लोग अब पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। यह मामला न केवल पारिवारिक विवाद बल्कि कानून व्यवस्था और सामाजिक रिश्तों से जुड़े कई गंभीर सवाल भी खड़े कर रहा है, जिनका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।


