
नवगछिया/भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले का नवगछिया पुलिस जिला एक बार फिर अपराध की भयावह दास्तां का गवाह बना है। यहाँ अपराधियों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए एक युवक की ऐसी निर्मम हत्या की है, जिसे सुनकर किसी भी संवेदनशील व्यक्ति की रूह कांप जाए। अपराधियों ने न केवल युवक की जान ली, बल्कि उसके शरीर को दर्जनों बार धारदार हथियार से गोदकर छलनी कर दिया। सबसे विचलित करने वाली बात यह है कि हमलावरों ने युवक का पेट तक चीर डाला, जो उनके भीतर छिपी गहरी नफरत या किसी सनकी मानसिकता को दर्शाता है। मंगलवार की सुबह जब नवगछिया थाना क्षेत्र में यह खबर फैली, तो पूरे इलाके में सनसनी मच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर तफ्तीश शुरू कर दी है, लेकिन घटनास्थल के हालात और मृतक की स्थिति कई ऐसे सवाल खड़े कर रही है, जिनका जवाब ढूँढना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होने वाला है।
पूर्णिया का रहने वाला था मृतक, 12 वर्षों से रह रहा था ससुराल में
मृतक की पहचान कैलाश सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पूर्णिया जिले के सपाहा डुमरी का निवासी था। हालांकि, कैलाश पिछले 12 वर्षों से अपने पैतृक गाँव को छोड़कर नवगछिया के रंगरा प्रखंड अंतर्गत साधोपुर गाँव में अपने ससुराल में रह रहा था। कैलाश एक साधारण मजदूर था और मेहनत-मजदूरी कर अपने बड़े परिवार का भरण-पोषण करता था।
उसकी शादी को करीब 12 साल बीत चुके थे और उसके परिवार में पत्नी के अलावा पांच बेटियाँ और एक छोटा बेटा है। छह बच्चों के सिर से पिता का साया उठ जाना इस त्रासदी का सबसे दुखद पहलू है। परिजनों के अनुसार, कैलाश का स्वभाव मिलनसार था और उसका किसी से कोई सीधा या बड़ा विवाद प्रकाश में नहीं आया था। ऐसे में उसकी इतनी खौफनाक हत्या ने सबको हैरत में डाल दिया है।
आधी रात का खौफनाक सफर और आखरी शब्द
घटनाक्रम की शुरुआत सोमवार की देर शाम से हुई। परिजनों ने बताया कि कैलाश सिंह शाम को घर से निकला था। वह उस समय शराब के नशे में था। उसने अपनी पत्नी से कहा था कि वह किसी काम के सिलसिले में नवगछिया जा रहा है। परिजनों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना और घर से निकल गया। रात भर जब वह वापस नहीं लौटा, तो परिवार को चिंता होने लगी। उन्हें लगा कि शायद नशे की हालत में वह कहीं रुक गया होगा।
लेकिन मंगलवार की सुबह जो खबर आई, उसने परिवार के पैरों तले जमीन खिसका दी। नवगछिया थाना क्षेत्र के एक सुनसान इलाके में उसका शव पाया गया। शव की स्थिति इतनी भयावह थी कि पहली नजर में उसे पहचानना भी मुश्किल हो रहा था। ग्रामीणों की सूचना पर पहुँची पुलिस ने जब शिनाख्त की, तब जाकर स्पष्ट हुआ कि यह साधोपुर का रहने वाला कैलाश सिंह ही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पहले शरीर पर दर्ज जख्मों की कहानी
कैलाश सिंह की हत्या केवल जान लेने के इरादे से नहीं की गई थी, बल्कि यह उसे तड़पा-तड़पा कर मारने का मामला प्रतीत होता है। नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव का जब प्रारंभिक निरीक्षण किया गया, तो पुलिस और डॉक्टर भी दंग रह गए। हमलावरों ने उस पर दर्जनों वार किए थे:
- हाथों पर वार: कैलाश के हाथ पर तीन जगह गहरे कट के निशान थे, जो शायद यह दर्शाते हैं कि उसने मरने से पहले खुद को बचाने का प्रयास (Defense Wounds) किया होगा।
- हथेली और कलाई: कलाई और हथेली पर चार अलग-अलग घाव पाए गए हैं, जो किसी धारदार और भारी हथियार के प्रहार से बने थे।
- सिर और कंधा: सिर पर चोट के निशान मिले हैं और बाएं कंधे पर एक बहुत बड़ा जख्म था, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ था।
- पेट का चीरा: सबसे वीभत्स घाव उसके पेट पर था। अपराधियों ने धारदार हथियार से उसका पेट पूरी तरह चीर दिया था। यह किसी पेशेवर अपराधी या गहरी आपसी नफरत वाले व्यक्ति का कृत्य हो सकता है।
लूटपाट नहीं, रंजिश की आशंका: मोबाइल और रुपए मिले सुरक्षित
इस हत्याकांड की गुत्थी इसलिए भी उलझ गई है क्योंकि घटनास्थल से पुलिस को मृतक का मोबाइल फोन और उसके पास मौजूद रुपए सही-सलामत मिले हैं। सामान्यतः अपराध की ऐसी वारदातों में लूटपाट एक बड़ा उद्देश्य होती है, लेकिन यहाँ सामान का सुरक्षित मिलना यह संकेत देता है कि हत्यारों का एकमात्र लक्ष्य कैलाश की जान लेना ही था।
मृतक के कपड़े अस्त-व्यस्त अवस्था में पाए गए हैं, जिससे पुलिस यह अंदाजा लगा रही है कि हत्या से पहले हमलावरों और कैलाश के बीच काफी हाथापाई हुई होगी। चूंकि कैलाश नशे की हालत में था, इसलिए वह शायद अपना बचाव उस मजबूती से नहीं कर पाया होगा। पुलिस अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि क्या उसकी किसी के साथ हाल ही में कोई अनबन हुई थी या फिर यह किसी पुरानी रंजिश का परिणाम है जिसे कैलाश के ससुराल वाले भी नहीं जानते।
पुलिसिया तफ्तीश और इलाके में व्याप्त भय
नवगछिया थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी सेल की मदद लेने का फैसला किया है। पुलिस उन सभी कॉल्स की जांच कर रही है जो कैलाश के मोबाइल पर अंतिम समय में आई थीं। साथ ही, रंगरा से लेकर नवगछिया तक के रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला जा रहा है ताकि अपराधियों के आने-जाने के मार्ग का पता लगाया जा सके।
थाना प्रभारी ने बताया कि “प्रथम दृष्टया यह आपसी रंजिश का मामला लग रहा है, क्योंकि जिस क्रूरता से हत्या की गई है, वह बिना किसी व्यक्तिगत खुन्नस के संभव नहीं है।” पुलिस ने कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया है। इस घटना के बाद से साधोपुर और नवगछिया के ग्रामीण इलाकों में गहरा खौफ है। लोगों को डर है कि अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और किसी की भी जान ले सकते हैं।
छह बच्चों का भविष्य अंधकार में: कोहराम और सिसकियाँ
साधोपुर गाँव में कैलाश के घर पर सन्नाटा पसरा है। उसकी पत्नी बार-बार बेहोश हो रही है, जबकि पांच छोटी बेटियाँ और एक अबोध बेटा अपने पिता के लौटने का इंतजार कर रहे हैं। वे शायद यह समझ भी नहीं पा रहे हैं कि उनके पिता अब कभी वापस नहीं आएंगे। कैलाश ही अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। मजदूरी कर वह जैसे-तैसे घर का खर्च चलाता था। अब इस बड़े परिवार के सामने भविष्य का अंधकार और भूख का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और हत्यारों को स्पीडी ट्रायल के जरिए फांसी की सजा दिलाई जाए।


