राष्ट्रीय गणित दिवस 2025: रामानुजन टैलेंट सर्च टेस्ट के विजेताओं को राज्य स्तरीय समारोह में किया गया सम्मानित

पटना,राष्ट्रीय गणित दिवस 2025 के अवसर पर विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार सरकार द्वारा मंगलवार को ज्ञान भवन, पटना में श्रीनिवास रामानुजन टैलेंट सर्च टेस्ट इन मैथमेटिक्स–2025 के सफल छात्र-छात्राओं के लिए राज्य स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री सुनील कुमार, माननीय मंत्री, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग उपस्थित रहे।

दीप प्रज्ज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं श्रीनिवास रामानुजन के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया गया। कार्यक्रम में विभागीय सचिव डॉ. प्रतिमा ने स्वागत भाषण देते हुए मंत्री श्री सुनील कुमार का अभिनंदन किया। उन्होंने बताया कि विभागीय सचिव के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद यह उनका पहला प्रमुख कार्यक्रम है।

डॉ. प्रतिमा ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों, विजेता छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों, विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों का स्वागत किया।

रामानुजन का जीवन आज भी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा: सचिव

अपने संबोधन में डॉ. प्रतिमा ने सभी विजेता छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि श्रीनिवास रामानुजन ने सीमित संसाधनों में रहते हुए गणित के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया। उनका जीवन यह संदेश देता है कि कठिन परिस्थितियां भी प्रतिभा को रोक नहीं सकतीं। उन्होंने कहा कि जिज्ञासा और समर्पण के माध्यम से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि विभाग का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीकी शिक्षा के बदलते स्वरूप के अनुरूप विद्यार्थियों को सशक्त बनाना भी है। बीपीएससी से चयनित शिक्षकों की नियुक्ति से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। इसके साथ ही लेदर टेक्नोलॉजी, फूड प्रोसेसिंग और एआई इंटीग्रेटेड जैसे उद्योग आधारित नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं।

डॉ. प्रतिमा ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए स्वास्थ्य उप-केन्द्र, मानसिक स्वास्थ्य के लिए क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, विदेशी भाषाओं की शिक्षा, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, स्मार्ट क्लासरूम, ओपन जिम और खेल मैदान जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मंत्री ने साइंस सिटी की ई-टिकटिंग सेवा का किया उद्घाटन

इस अवसर पर माननीय मंत्री श्री सुनील कुमार ने डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम साइंस सिटी की ऑनलाइन ई-टिकटिंग सेवा का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि साइंस सिटी ज्ञान, जिज्ञासा और नवाचार का जीवंत केंद्र है, जहां की विश्वस्तरीय गैलरियां विद्यार्थियों को विज्ञान को अनुभव के माध्यम से समझने का अवसर देती हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे साइंस सिटी का भ्रमण कर विज्ञान के प्रति रुचि और नवाचार की भावना विकसित करें।

शिक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मंत्री

मंत्री श्री सुनील कुमार ने सभी सफल छात्र-छात्राओं, उनके शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि निरंतर मेहनत, अनुशासन और अभ्यास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार सरकार ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जिसका सकारात्मक प्रभाव आज राज्य की शैक्षणिक उपलब्धियों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि रामानुजन टैलेंट सर्च टेस्ट “विकास के साथ न्याय” की अवधारणा का सशक्त उदाहरण है, जिसमें समाज के सभी वर्गों के विद्यार्थियों को समान अवसर मिलते हैं। सरकार स्टार्टअप और इनक्यूबेशन केंद्रों के माध्यम से नवाचार और उद्यमिता को भी प्रोत्साहित कर रही है।

मंत्री ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को खुला और सहयोगी वातावरण देना आवश्यक है, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ सकें।

तकनीकी शिक्षा में ऐतिहासिक सुधार

मंत्री ने बताया कि राज्य के सभी 38 इंजीनियरिंग और 46 पॉलिटेक्निक कॉलेज अब अपने स्थायी परिसरों में संचालित हो रहे हैं, जहां छात्रावास, संकाय आवास और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग शिक्षा मात्र ₹10 मासिक शुल्क और पॉलिटेक्निक शिक्षा ₹5 मासिक शुल्क में उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा सभी के लिए सुलभ हो रही है।

532 छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित

इस समारोह में कक्षा 6 से कक्षा 12 तक के कुल 532 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिन्होंने जिला स्तर पर प्रथम एवं द्वितीय तथा राज्य स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया था। राज्य स्तर के 21 टॉपर छात्रों को लैपटॉप, प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो और मेडल प्रदान किए गए।

जिला स्तर पर प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को क्रमशः ₹5,000 और ₹3,000 की नगद राशि, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किए गए। सभी चयनित विद्यार्थियों को ₹1,000 की यात्रा सहायकता राशि भी दी गई। जिला स्तर पर तृतीय से दशम स्थान प्राप्त छात्रों को उनके संबंधित जिलों के राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों में सम्मानित किया गया।

धन्यवाद ज्ञापन और विशेष भ्रमण की घोषणा

कार्यक्रम के अंत में अपर सचिव-सह-निदेशक श्री अहमद महमूद ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने विजेता छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि राज्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य स्तर के टॉपर विद्यार्थियों के लिए विभाग की ओर से साइंस सिटी और तारामंडल, पटना का विशेष भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसका लाभ वे अपनी सुविधा अनुसार उठा सकेंगे।

इस अवसर पर विभागीय सचिव डॉ. प्रतिमा, अपर सचिव-सह-निदेशक श्री अहमद महमूद, बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस. के. वर्मा, परियोजना निदेशक (बीसीएसटी) डॉ. अनंत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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