
भागलपुर के नाथनगर क्षेत्र में इन दिनों रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों ने साईं बाबा गैस एजेंसी पर मनमानी और लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। स्थिति से परेशान होकर दर्जनों उपभोक्ता सदर अनुमंडल कार्यालय पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए जल्द समाधान की गुहार लगाई।
उपभोक्ताओं का कहना है कि जिला प्रशासन की ओर से गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि एजेंसी द्वारा न तो समय पर गैस की होम डिलीवरी की जा रही है और न ही उपभोक्ताओं को एजेंसी पर आसानी से सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इस कारण लोगों को बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि जब वे खुद एजेंसी पर गैस लेने जाते हैं, तब भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। कई बार घंटों इंतजार करने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिलता, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को इस समस्या के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि रसोई गैस के अभाव में खाना बनाने जैसी मूलभूत जरूरतें भी प्रभावित हो रही हैं।
स्थानीय निवासी अमृत लाल ने बताया कि पिछले कई दिनों से गैस की आपूर्ति अनियमित हो गई है। उन्होंने कहा कि बुकिंग कराने के बाद भी समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा है और एजेंसी की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी जाती। उनके अनुसार, कई उपभोक्ताओं को 10 से 15 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जो कि बेहद चिंताजनक स्थिति है।
वहीं, मनोज कुमार उपाध्याय ने भी एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उपभोक्ताओं के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उनका आरोप है कि कुछ लोगों को प्राथमिकता के आधार पर गैस दी जाती है, जबकि आम उपभोक्ता को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
उपभोक्ताओं का यह भी कहना है कि गैस की किल्लत के कारण उन्हें वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। कई परिवार लकड़ी या अन्य ईंधन का उपयोग करने को मजबूर हैं, जो न केवल असुविधाजनक है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक साबित हो सकता है। इस स्थिति ने खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को अधिक प्रभावित किया है।
सदर अनुमंडल कार्यालय में दिए गए आवेदन में उपभोक्ताओं ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि गैस एजेंसी की मनमानी पर रोक लगाई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो। उन्होंने यह भी मांग की कि होम डिलीवरी व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार एजेंसी के चक्कर न लगाने पड़ें।
प्रशासनिक अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में एजेंसी की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में इस तरह की समस्याएं दोबारा न हों।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रसोई गैस जैसी जरूरी सुविधा में किसी भी तरह की अनियमितता सीधे तौर पर आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वह समय रहते हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करे और उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाए।
फिलहाल, नाथनगर क्षेत्र के उपभोक्ता प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। लोगों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा और उन्हें समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो सकेगा। वहीं प्रशासन ने भी भरोसा दिलाया है कि उपभोक्ताओं के हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी और आवश्यक कदम उठाकर व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा।


