
नालंदा, 23 जुलाई 2025: नालंदा जिले की पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अस्थावां थाना क्षेत्र में सक्रिय अंतरजिला लुटेरा गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 9 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह दिन में पेंटिंग और कपड़ा-बर्तन बेचने के बहाने गांवों और मुहल्लों में रेकी करता था और रात के अंधेरे में सूमो गाड़ी से पहुंचकर डकैती की वारदातों को अंजाम देता था।
कैसे काम करता था गिरोह?
पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने प्रेसवार्ता में बताया कि गिरोह के सदस्य फेरीवाले बनकर पूरे दिन गांवों में घूमते थे, और ऐसे घरों की पहचान करते थे जो कमजोर सुरक्षा वाले और आसान निशाने के रूप में दिखते थे। इसके बाद रात में हथियारबंद होकर सूमो गाड़ी में आते थे और डकैती कर फरार हो जाते थे।
किराये पर रहकर करता था सहयोग
इस गिरोह का एक सदस्य हरनौत थाना क्षेत्र में किराये पर रहकर गिरोह को स्थानीय स्तर पर सहयोग करता था। यही आरोपी घटनास्थलों के पास रेकी करने और सही समय पर गिरोह को सूचना देने का काम करता था।
गिरफ्तार अपराधियों के नाम
पुलिस की विशेष टीम द्वारा पकड़े गए नौ अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार की गई है:
- मो. आलम (28 वर्ष)
- मो. मिराज उर्फ घोघा (30 वर्ष)
- पप्पू बख्खो (38 वर्ष)
- मो. ऐनाम उर्फ भोट्टा (40 वर्ष)
- मो. फरकान उर्फ पंडित (24 वर्ष)
- मो. झब्बन (21 वर्ष)
- राजकुमार साह उर्फ कक्कू (28 वर्ष)
- एजाज अयूबी (26 वर्ष)
- मो. तैयब
बरामद सामान
पुलिस ने इन अपराधियों के पास से भारी मात्रा में लूट का सामान और हथियार बरामद किया है:
- 3 देसी कट्टे
- 5 जिंदा कारतूस
- ₹25,800 नगद
- 3 जोड़ी चांदी की पायल
- डीवीआर, मिक्सी मशीन
- कई मोबाइल फोन
- लूट में प्रयुक्त सूमो गाड़ी
तीन थानों की डकैती का खुलासा
गिरोह की गिरफ्तारी से अस्थावां, हरनौत और बेन थाना क्षेत्र में हुई तीन बड़ी डकैती की घटनाओं का खुलासा हो गया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम ने तकनीकी साक्ष्य और गुप्त सूचना के आधार पर गिरोह की पहचान की और कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।
स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस
गिरोह की गिरफ्तारी से स्थानीय जनता में सुरक्षा की भावना फिर से मजबूत हुई है। यह गिरोह लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय था और कई घरों में डकैती की वारदातों को अंजाम दे चुका था।
“इस तरह की आपराधिक गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगे भी पुलिस की सतर्कता जारी रहेगी।” — भारत सोनी, पुलिस अधीक्षक, नालंदा


