​मुजफ्फरपुर में खूनी लूट: पति-पत्नी और मासूम बच्चे पर बरसाईं गोलियां; सात लाख के जेवर लेकर अपराधी फरार, महिला की हालत नाजुक

मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो गए हैं कि अब वे सरेराह परिवारों को अपना निशाना बनाने से भी नहीं हिचक रहे हैं। जिले के सकरा थाना क्षेत्र अंतर्गत सोमवार, 27 अप्रैल 2026 की दोपहर एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई जिसने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है। रेपुरा-मड़वन मार्ग पर स्थित रेपुरा चौर में बाइक सवार दो बेखौफ अपराधियों ने लूट का विरोध करने पर एक ही परिवार के तीन सदस्यों—पति, पत्नी और उनके साढ़े तीन साल के मासूम बच्चे को गोली मार दी। अपराधी इस खूनी खेल को अंजाम देने के बाद करीब सात लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात लूटकर हथियार लहराते हुए बड़ी आसानी से फरार हो गए। इस हमले में महिला की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है, जबकि उसके पति और बच्चे का इलाज भी अस्पताल में जारी है। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने मुजफ्फरपुर की कानून-व्यवस्था और पुलिसिया गश्त के दावों की पोल खोलकर रख दी है।

वारदात का खौफनाक मंजर: एक किलोमीटर तक किया पीछा

​घटना सोमवार दोपहर करीब दो बजे की है। घायल सोहन सिंह अपनी पत्नी श्वेता कुमारी और साढ़े तीन साल के पुत्र प्रियांश कुमार के साथ बाइक से बरियारपुर थाना अंतर्गत मड़वन गांव जा रहे थे। सोहन के अनुसार, अपराधियों ने उनका पीछा करीब एक किलोमीटर पहले से ही शुरू कर दिया था। अपराधी इस फिराक में थे कि जैसे ही कोई सुनसान इलाका आए, वे वारदात को अंजाम दे सकें। जैसे ही सोहन की बाइक रेपुरा चौर के पास पहुँची, जो कि तुलनात्मक रूप से एक वीरान जगह है, पीछे से आ रहे बाइक सवार दो अपराधियों ने उन्हें ओवरटेक कर घेर लिया।

​अपराधियों ने हथियार के बल पर उन्हें रुकने को मजबूर किया और जेवरात की मांग करने लगे। जब परिवार ने इसका विरोध किया और शोर मचाने की कोशिश की, तो अपराधियों ने बिना सोचे-समझे अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की गूँज से पूरा चौर इलाका दहल उठा। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी बाइक लहराते हुए हाईवे की दिशा में भाग निकले।

अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग: महिला की हालत नाजुक

​इस हमले में तीनों सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया। घायलों का विवरण और उनकी स्थिति निम्नलिखित है:

  • श्वेता कुमारी (26 वर्ष): अपराधियों ने श्वेता को निशाना बनाते हुए उसकी कनपटी पर गोली मारी है। वर्तमान में वह शहर के जूरन छपरा स्थित एक निजी अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती है और उसकी स्थिति अत्यंत चिंताजनक बताई जा रही है।
  • सोहन सिंह (27 वर्ष): सोहन को अपराधियों ने जांघ में गोली मारी है। वे भी उसी निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
  • प्रियांश कुमार (3.5 वर्ष): अपराधियों की बर्बरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने साढ़े तीन साल के बच्चे को भी नहीं बख्शा। गोली प्रियांश के सिर को छूते हुए निकल गई, जिससे उसे आंशिक जख्म आया है।

शादी की खुशियों में घुल गया खून का रंग

​घायल सोहन सिंह मूल रूप से वैशाली जिले के बलिगांव थाना क्षेत्र के दिग्घा गांव के निवासी हैं। वे दिल्ली में एक निजी कंपनी में इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने का काम करते हैं। सोहन अपने भाई के साले की शादी में शामिल होने के लिए विशेष रूप से दिल्ली से सपरिवार बिहार आए थे। सोमवार को वे मड़वन स्थित अपने भाई के ससुराल जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही यह अनहोनी हो गई। जिस घर में शादी की रस्में और खुशियाँ मनाई जा रही थीं, वहां अब सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है। दिल्ली से खुशियाँ बांटने आए इस परिवार को यह अंदाजा भी नहीं था कि बिहार की सड़कों पर अपराधी मौत बनकर उनका इंतजार कर रहे हैं।

पुलिसिया कार्रवाई और फॉरेंसिक जांच

​घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरीय अधिकारी मौके पर पहुँचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया शुरू की।

  • साक्ष्यों की बरामदगी: पुलिस ने मौके से दो खोखा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है।
  • FSL की टीम: वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए एफएसएल (FSL) की टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।
  • नाकेबंदी: पुलिस अपराधियों की पहचान के लिए क्षेत्र के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है और हाईवे की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।

लचर कानून-व्यवस्था पर उठते गंभीर सवाल

​दिनदहाड़े चौर जैसे इलाके में परिवार को घेरकर गोली मारना और सात लाख के जेवर लूट लेना, पुलिस की कार्यशैली पर बड़े प्रश्नचिह्न खड़े करता है। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि पुलिस केवल मुख्य सड़कों पर गश्त का दावा करती है, जबकि ग्रामीण और संपर्क मार्गों पर अपराधियों का राज कायम हो चुका है। सोहन सिंह के अनुसार, उन्हें करीब एक किलोमीटर तक फॉलो किया गया, लेकिन रास्ते में कहीं भी पुलिस की मौजूदगी नहीं दिखी।

​यह घटना बिहार में बढ़ते अपराध ग्राफ और अपराधियों के मन से कानून के खौफ के खत्म होने का जीवंत उदाहरण है। लूट के उद्देश्य से मासूम बच्चे तक पर गोली चलाना अपराधियों की बढ़ती क्रूरता को दर्शाता है। अब देखना यह है कि मुजफ्फरपुर पुलिस कब तक इन अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचा पाती है।

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