मुजफ्फरपुर: SSP का बड़ा एक्शन, शराब माफिया से सांठगांठ और लापरवाही पर 16 पुलिसकर्मी सस्पेंड

मुजफ्फरपुर (बिहार): बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद शराब माफिया का धंधा लगातार फल-फूल रहा है। इस पर नकेल कसने की जिम्मेदारी जिन पुलिसकर्मियों पर है, वही अगर माफिया के साथ सांठगांठ कर लें तो सवाल उठना लाज़मी है। इसी बीच मुजफ्फरपुर के एसएसपी सुशील कुमार ने बड़ा कदम उठाते हुए 16 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

वार्षिक निरीक्षण में खुली पोल

यह कार्रवाई सरैया थाना का वार्षिक निरीक्षण करने के दौरान सामने आई गंभीर लापरवाहियों के आधार पर की गई है। एसएसपी ने निरीक्षण में पाया कि कई पुलिसकर्मी वर्दी में नहीं थे, ड्यूटी के प्रति लापरवाह थे और शराब माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। चौकीदारों ने भी न तो शराब माफिया और न ही बालू माफिया की कोई सूचना दी थी।

शराब और बालू माफिया से सांठगांठ के आरोप

एसएसपी सुशील कुमार ने बताया कि निलंबित किए गए 16 पुलिसकर्मियों में 3 पदाधिकारी, 4 चौकीदार और 9 अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। इन पर शराब व बालू माफिया से मिलीभगत और कर्तव्य पालन में गंभीर लापरवाही के आरोप हैं। इनमें से कई पुलिसकर्मी लंबे समय से ड्यूटी से गायब थे और आदेश के बावजूद रिपोर्ट नहीं कर रहे थे।

“लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी” – SSP

एसएसपी सुशील कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा,

“निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि कुछ पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं निभा रहे थे। शराब माफिया पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी और चौकीदारों ने भी अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ लिया था। ऐसे में कार्रवाई अनिवार्य थी।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निलंबित कर्मियों को केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा और यदि वे ड्यूटी पर नहीं लौटते हैं तो उन्हें बर्खास्त भी किया जा सकता है।

पुलिस महकमे में हड़कंप

इस कार्रवाई के बाद जिले भर के अन्य पुलिस स्टेशनों में भी चौकसी बढ़ा दी गई है। SSP ने स्पष्ट संकेत दिया है कि लापरवाही या माफिया से मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी, चाहे वह कोई भी पदाधिकारी क्यों न हो।

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