पटना के फुलवारी शरीफ में रिश्तों का ‘कत्ल’! ससुराल आए ‘दामाद’ ने नाबालिग से की दरिंदगी; साले ने ग्रामीणों संग मिलकर सिखाया सबक

HIGHLIGHTS: रक्षक बना भक्षक, गांव के ‘दामाद’ की शर्मनाक करतूत

  • हैवानियत: ससुराल आए मुन्ना ने पड़ोस की नाबालिग को अकेला देख घर में घुसकर किया दुष्कर्म।
  • रंगे हाथ धराया: घटना की भनक लगते ही साले और ग्रामीणों ने आरोपी की जमकर की धुनाई और पुलिस को सौंपा।
  • सलाखों के पीछे: फुलवारी शरीफ पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजने की तैयारी शुरू की।
  • मेडिकल जांच: पीड़ित बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया।

पटना (फुलवारी शरीफ) | 18 मार्च, 2026

​राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जिस ‘दामाद’ को गांव की इज्जत समझा जाता था, उसी ने एक मासूम की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया। आरोपी मुन्ना, जो सदीसोपुर का रहने वाला है, अपने ससुराल आया था और वहीं उसने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।

घर में अकेला पाकर किया वार

​जानकारी के अनुसार, आरोपी मुन्ना का अपनी ससुराल के पास ही स्थित पीड़ित बच्ची के घर आना-जाना लगा रहता था।

  1. साजिश: सोमवार को जब उसने देखा कि बच्ची घर में अकेली है, तो वह चुपके से अंदर दाखिल हो गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
  2. साले ने पकड़ा: जब मुन्ना के अपने साले को इस बात की जानकारी हुई, तो उसका खून खौल उठा। उसने बिना किसी ‘लिहाज’ के अपने ही जीजा को पकड़ लिया।
  3. जनता का इंसाफ: साले और ग्रामीणों ने मिलकर आरोपी की जमकर पिटाई की और तुरंत फुलवारी शरीफ थाना पुलिस को सूचना देकर उसे उनके हवाले कर दिया।

अपराध का ‘फाइल’ रिकॉर्ड: एक नजर में

  • आरोपी का नाम: मुन्ना (निवासी: सदीसोपुर)।
  • रिश्ता: पीड़ित के गांव का ‘दामाद’।
  • वारदात का स्थान: पीड़िता का अपना घर (फुलवारी शरीफ)।
  • पुलिस की कार्रवाई: आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग का मेडिकल कराया जा रहा है।
  • वर्तमान स्थिति: पुलिस आरोपी को जेल भेजने की कानूनी प्रक्रिया में जुटी है।

VOB का नजरिया: जब अपनों ने ही नहीं किया ‘अपराधी’ का बचाव!

​फुलवारी शरीफ की यह घटना दो पहलुओं को उजागर करती है। पहला— मासूमों के लिए आज पड़ोस और जान-पहचान वाले लोग भी असुरक्षित होते जा रहे हैं। दूसरा— समाज में बदलाव की एक अच्छी लहर भी है, जहाँ एक साले ने अपने ‘जीजा’ के अपराध को ढंकने के बजाय उसे सजा दिलवाना बेहतर समझा। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि ऐसे मामलों में पुलिस को POCSO एक्ट की धाराओं के तहत इतनी सख्त कार्रवाई करनी चाहिए कि ‘रिश्ते’ के नाम पर दरिंदगी करने वालों के मन में कानून का खौफ बैठ जाए।

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