मुंगेर में विकास योजनाओं की समीक्षा, CM सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुंगेर जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। तारापुर स्थित सिंचाई प्रमंडल परिसर में आयोजित इस समीक्षा बैठक में पथ निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग, पर्यटन विभाग, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से जुड़े अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की स्थिति, प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुख्यमंत्री को अपने-अपने विभागों की योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से तारापुर-खड़गपुर सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस सड़क के निर्माण के कारण कई स्थानों पर आवागमन बाधित हो रहा है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क निर्माण के साथ-साथ नहरों के पक्कीकरण का कार्य इस प्रकार किया जाए कि बरसात के दौरान मिट्टी का बहाव न हो और संरचना मजबूत बनी रहे।

मुख्यमंत्री ने मुंगेर स्थित योगाश्रम की बेहतर संपर्कता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस धार्मिक और पर्यटन स्थल तक पहुंचने के लिए सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिल सके।

मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुंगेर से भागलपुर के बीच निर्माणाधीन सड़क को हर हाल में 15 जून तक पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के विकास और आवागमन को सुगम बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

बैठक में रक्सौल-हल्दिया ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाए और जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने इसे राज्य के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए कहा कि इससे व्यापार और परिवहन को नई गति मिलेगी।

ऊर्जा और जल संसाधन के क्षेत्र में भी मुख्यमंत्री ने कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में मौजूद डैमों में सोलर प्लांट लगाने की योजना तैयार की जाए, जिससे ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिल सके। साथ ही जल संसाधन विभाग और लघु जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी विकास कार्य 31 मई तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए, क्योंकि इसके बाद मानसून शुरू हो जाता है।

असरगंज में तीर्थ यात्री शेड निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे तेजी से पूरा किया जाए, ताकि सावन माह में बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और यह सुनिश्चित करें कि सभी परियोजनाएं तय मानकों के अनुसार ही पूरी हों। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का उद्देश्य केवल निर्माण नहीं, बल्कि लोगों को स्थायी और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

बैठक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, गृह विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी संजय कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक (ऑपरेशन) कुंदन कृष्णन, मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक नंद किशोर, पुलिस उप-महानिरीक्षक राकेश कुमार, जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पनिकर और पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद सहित कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

इस समीक्षा बैठक को मुंगेर जिले के विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद उम्मीद की जा रही है कि सभी परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी और क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि विकास योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचे और इसके लिए हर स्तर पर निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का यह रुख स्पष्ट करता है कि वे बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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