बगहा | बिहार चुनाव 2025 बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के प्रचार के बीच बगहा में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में प्रस्तावित वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी की चुनावी सभा को प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, सहनी की इस सभा की तैयारियाँ कई दिनों से चल रही थीं। कार्यकर्ता सुबह से ही स्थल पर पहुँचने लगे थे, लेकिन दोपहर में अचानक प्रशासन ने सूचित किया कि सभा की अनुमति नहीं दी जा सकती।
सभा रद्द होने के बाद मुकेश सहनी ने मोबाइल कॉल के जरिए समर्थकों को संबोधित किया और सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा —
“मुझे बगहा आने की अनुमति नहीं दी गई है। यह सरकार की तानाशाही है। विपक्ष की आवाज़ को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन जनता सब समझ चुकी है।”
उन्होंने आगे कहा —
“मैं व्यक्तिगत रूप से आपके बीच नहीं आ सका, इसके लिए क्षमा चाहता हूँ। लेकिन मतदान के दिन महागठबंधन को ज़्यादा से ज़्यादा वोट दें और इस तानाशाही सरकार को उखाड़ फेंकें।”
सहनी ने दावा किया कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज़ को दबाना खतरनाक संकेत है, और जनता इस बार वोट के ज़रिए जवाब देगी।
वहीं, बगहा में सभा रद्द होने के बावजूद मुकेश सहनी ने दिन में लौरिया में रणकौशल प्रताप सिंह और नौतन में अमित गिरी के समर्थन में आयोजित जनसभाओं को संबोधित किया, जहाँ उन्होंने एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा।
यह घटना चुनावी माहौल में प्रशासनिक निष्पक्षता और विपक्षी दलों के प्रचार अधिकार को लेकर बहस को और तेज कर सकती है।



