
बेगूसराय: विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री मुकेश सहनी बुधवार को बेगूसराय सदर अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने चर्चित गैंगरेप पीड़िता से मुलाकात कर उसका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने पीड़िता के परिजनों से बातचीत कर हरसंभव सहयोग और न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
पुलिस प्रशासन पर साधा निशाना
अस्पताल से बाहर निकलकर मीडिया से बातचीत करते हुए मुकेश सहनी ने कहा कि गैंगरेप जैसी गंभीर घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने शुरुआती स्तर पर जिस तरह लापरवाही बरती, उसी का परिणाम है कि मामला इतना गंभीर हो गया।
उन्होंने कहा:
“अगर पहली घटना के समय ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई होती, तो आज हालात यहां तक नहीं पहुंचते।”
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल
मुकेश सहनी ने पीड़िता के इलाज को लेकर भी बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पीड़िता को बार-बार अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके अस्पताल पहुंचने की जानकारी होने के बावजूद कोई वरिष्ठ डॉक्टर या जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था।
मेडिकल बोर्ड गठन की मांग
वीआईपी प्रमुख ने कहा कि पीड़िता के बेहतर इलाज के लिए सरकार को तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सकों की समिति और मेडिकल बोर्ड का गठन करना चाहिए।
उन्होंने कहा:
“अगर सरकारी स्तर पर बेहतर इलाज संभव नहीं है तो पीड़िता को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। जरूरत पड़ी तो वीआईपी पार्टी भी इलाज में हरसंभव सहयोग करेगी।”
आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग
मुकेश सहनी ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन पुलिसकर्मियों पर लापरवाही के आरोप हैं, उनके खिलाफ केवल निलंबन नहीं बल्कि कठोर विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को कोई अधिकारी हल्के में न ले सके।
पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा
सहनी ने कहा कि अस्पताल से निकलने के बाद वे जिला पदाधिकारी से भी मुलाकात करेंगे और पीड़िता के घर जाकर परिवार से बातचीत करेंगे।
उन्होंने कहा:
“वीआईपी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और न्याय मिलने तक हर संभव मदद करती रहेगी।”
बिहार की कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा सवाल
मुकेश सहनी ने कहा कि यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को भी उजागर करता है। उन्होंने सरकार से पीड़िता को न्याय, सुरक्षा और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने की मांग की।



