
पटना, 07 जुलाई 2025:बिहार सरकार ने राज्य के लाखों स्थायी और संविदा सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए आज 9 राष्ट्रीयकृत बैंकों के साथ वेतन खाता पैकेज को लेकर सहमति ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस MoU के जरिए अब सरकारी कर्मियों को बैंक खातों पर अनेक लाभ और बीमा सुविधाएं मिलेंगी। इस ऐतिहासिक पहल की अगुवाई बिहार के उप मुख्यमंत्री (वित्त) श्री सम्राट चौधरी ने की।
यह समझौता वित्त विभाग के प्रधान सचिव श्री आनंद किशोर और 9 राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकृत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस मौके पर बैंकिंग क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
इन बैंकों के साथ हुआ समझौता:
- भारतीय स्टेट बैंक
- पंजाब नेशनल बैंक
- बैंक ऑफ बड़ौदा
- बैंक ऑफ इंडिया
- यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
- केनरा बैंक
- इंडियन बैंक
- यूको बैंक
सरकारी कर्मचारियों को मिलेंगी ये प्रमुख सुविधाएं:
🔹 बीमा सुरक्षा
- स्थायी और संविदा कर्मचारियों को ₹40 लाख से ₹100 लाख तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा।
- हवाई यात्रा के दौरान दुर्घटना पर ₹100 लाख से ₹160 लाख तक का कवर।
- कुछ बैंकों द्वारा खाताधारक के परिवार के चार सदस्यों को भी ₹5 लाख प्रति व्यक्ति का बीमा कवर।
🔹 जीवन बीमा
- समूह मियादी जीवन बीमा के तहत ₹10 लाख तक की सामान्य मृत्यु पर क्षतिपूर्ति।
- पूर्ण या आंशिक विकलांगता पर ₹80 लाख से ₹100 लाख तक का मुआवजा।
🔹 स्वास्थ्य बीमा और लोन सुविधाएं
- टॉप-अप स्वास्थ्य बीमा कम प्रीमियम पर।
- होम लोन, ऑटो लोन, पर्सनल लोन पर प्रोसेसिंग फीस में 50% से 100% तक छूट।
- ब्याज दरों में भी विशेष रियायत।
🔹 बैंकिंग सेवाएं
- एटीएम कार्ड निशुल्क और अधिक संख्या में फ्री ट्रांजैक्शन की सुविधा।
- ₹1 लाख प्रतिदिन तक एटीएम निकासी की सीमा।
- Auto Sweep, Standing Instructions, RTGS/NEFT, ड्राफ्ट – सब निःशुल्क।
- वेतन के विरुद्ध ओवरड्राफ्ट सुविधा भी उपलब्ध।
क्या है फायदा?
इस MoU का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अब राज्य के कर्मचारी अपनी पसंद और सुविधा के अनुसार किसी भी सूचीबद्ध बैंक में वेतन खाता खोल सकेंगे और सभी तयशुदा लाभ प्राप्त कर सकेंगे। यह पहल न केवल कर्मचारियों के हित में है, बल्कि वित्तीय समावेशन की दिशा में एक सशक्त कदम है।
उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मौके पर कहा कि “यह समझौता सरकारी कर्मचारियों के हित में एक ऐतिहासिक कदम है। सरकार का उद्देश्य है कि कर्मचारियों को उनके वेतन खाते के साथ ही वित्तीय सुरक्षा, बीमा और ऋण संबंधी सुविधाएं भी मिलें ताकि वे निर्भीक और सम्मानजनक जीवन जी सकें।”


