बगहा (पश्चिम चंपारण)। बिहार के बगहा अनुमंडल अंतर्गत रामनगर प्रखंड के सोनखर गांव में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) से भटककर आए लंगूरों ने जमकर उत्पात मचाया है। लंगूरों के अचानक रिहायशी इलाके में पहुंचने से गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया है।
एक के बाद एक हमले, तीन लोग जख्मी
जानकारी के अनुसार लंगूरों के एक झुंड ने गांव में प्रवेश कर कई लोगों पर हमला कर दिया। अब तक तीन ग्रामीण लंगूरों के हमले में घायल हो चुके हैं, जिन्हें रामनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
स्कूल, घरों और सड़कों पर आतंक
ग्रामीणों का कहना है कि लंगूर घरों की छतों, आंगन और स्कूल परिसर में घूमते हुए अचानक लोगों पर हमला कर रहे हैं। इतना ही नहीं, सड़क से गुजरने वाले वाहनों पर भी लंगूरों के हमले की घटनाएं सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि झुंड में एक बड़ा और अत्यधिक आक्रामक लंगूर भी शामिल है।
बच्चों और महिलाओं में डर
घायल ग्रामीण अंगद भगत ने बताया—
“अचानक छत पर लंगूर आ गए और बिना किसी वजह के हमला कर दिया। गांव के लोग काफी डरे हुए हैं। बच्चे और महिलाएं घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।”
अस्पताल में इलाज जारी
रामनगर CHC के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार ने बताया—
“सभी घायलों को एहतियात के तौर पर निगरानी में रखा गया है। एंटी-रेबीज इंजेक्शन और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेजा जा रहा है।”
वन विभाग की टीम अलर्ट, रेस्क्यू जारी
घटना की सूचना मिलते ही रामनगर रेंज के वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। रेंजर विजय प्रसाद के निर्देश पर लंगूरों को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। हालांकि फिलहाल लंगूर अपना स्थान बदलकर कहीं और चले गए हैं।
माइकिंग से लोगों को सतर्क रहने की अपील
स्थिति को देखते हुए गांव में माइकिंग के जरिए लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील की जा रही है।
वन क्षेत्र पदाधिकारी विजय कुमार ने कहा—
“जंगल से सटे इलाकों में भोजन और मानवीय गतिविधियों के कारण वन्यजीव भटककर रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। हमारी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और लंगूरों का सुरक्षित रेस्क्यू है।”
स्थिति सामान्य होने की उम्मीद
वन विभाग का कहना है कि लंगूरों की लगातार निगरानी की जा रही है और जल्द ही उन्हें पकड़कर जंगल में छोड़ दिया जाएगा, जिससे सोनखर गांव में हालात सामान्य हो सकें।


