पटना, 23 अगस्त।बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए शिक्षा विभाग ने नई पहल शुरू की है। अब स्कूलों में रोजाना प्रार्थना सभा और कक्षाओं की गतिविधियों की फोटोग्राफी कर ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जा रही है।
इस व्यवस्था के तहत हर दिन कुछ स्कूलों का रैंडम चयन होता है और वहां से तस्वीरें मंगाई जाती हैं। इन फोटो में स्थान, समय और जीपीएस विवरण भी दर्ज होता है। इससे यह पता चलता है कि पढ़ाई और अनुशासन को लेकर स्कूल कितने गंभीर हैं।
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने बताया कि हाल ही में 20, 21 और 22 अगस्त को राज्य के सभी 38 जिलों से तीन-तीन स्कूलों की तस्वीरें मंगाकर समीक्षा की गई। अधिकांश स्कूल दिशा-निर्देशों का पालन करते पाए गए। जहां लापरवाही मिली, वहां प्रधानाध्यापक से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया।
नए नियमों के अनुसार—
- सुबह 9:30 बजे तक छात्र और शिक्षक की उपस्थिति अनिवार्य है।
- चेतना सत्र में प्रार्थना, राज्य गीत, राष्ट्रगीत, सामान्य ज्ञान और प्रेरक कहानियां शामिल होंगी।
- चेतना सत्र के दौरान बच्चों की यूनिफॉर्म, नाखून और बालों की जांच की जाएगी।
- देर से आने वाले बच्चों को अगले दिन ही प्रवेश मिलेगा।
- पहली तीन पीरियड्स में गणित, विज्ञान और भाषा की पढ़ाई अनिवार्य की गई है।
इस कदम से शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि सरकारी स्कूलों में अनुशासन और शिक्षा की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा।


