
पटना/मोकामा। बिहार की राजनीति और विकास के मानचित्र पर मोकामा का नाम सदैव गौरवशाली रहा है, लेकिन अब यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन और औद्योगिक विकास के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। भगवान परशुराम की जयंती के पावन अवसर पर सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डिजिटल माध्यम (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) से मोकामा को दो बड़ी सौगातें दीं। सम्राट चौधरी ने 18.11 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली कमर्शियल बिल्डिंग निर्माण योजना का शिलान्यास किया और साथ ही प्रसिद्ध ‘परशुराम मेले’ का विधिवत उद्घाटन किया। पटना जिले के नगर परिषद् मोकामा क्षेत्र में स्थित परशुराम स्थान अब केवल एक श्रद्धा का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि इसे आर्थिक गतिविधियों और आधुनिक नागरिक सुविधाओं के एक बड़े हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। सचिवालय स्थित अपने कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि मोकामा का विकास उनकी सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है और इसके लिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ औद्योगिक विस्तार का एक ‘ब्लूप्रिंट’ तैयार कर लिया गया है।
18.11 करोड़ का प्रोजेक्ट: परशुराम स्थान का नया स्वरूप
नगर विकास एवं आवास विभाग के माध्यम से परशुराम स्थान परिसर में जिस कमर्शियल बिल्डिंग की आधारशिला रखी गई है, वह इस पूरे इलाके की सूरत बदलने वाली है। 18.11 करोड़ रुपये की यह महत्वकांक्षी योजना न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देगी, बल्कि यहाँ आने वाले हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक आधुनिक बुनियादी ढांचा भी प्रदान करेगी। सम्राट चौधरी ने शिलान्यास के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस भवन का निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अपनी पुरानी यादों को साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2025 में जब वे उप मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, तब उन्होंने स्वयं इस मेला परिसर का निरीक्षण किया था। उस समय उन्होंने इस परिसर के विस्तार और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में बढ़ोतरी की जो परिकल्पना की थी, आज वह साकार होती दिख रही है। सम्राट चौधरी का मानना है कि मोकामा जैसे ऐतिहासिक स्थलों पर जब ‘कमर्शियल एक्टिविटी’ (व्यावसायिक गतिविधियां) बढ़ेंगी, तो स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने अधिकारियों से इस क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक विस्तृत और भविष्योन्मुखी रूपरेखा तैयार करने को कहा है।
अगले वर्ष का लक्ष्य: श्रद्धालुओं के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं
परशुराम मेले का उद्घाटन करते हुए सम्राट चौधरी ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को एक बड़ा लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष मेले का आयोजन गौरवशाली तरीके से हो रहा है, लेकिन प्रशासन को अभी से अगले वर्ष की तैयारी में जुट जाना चाहिए। सम्राट चौधरी ने जोर देकर कहा कि “अगले वर्ष जब परशुराम मेले का आयोजन हो, तो उसमें श्रद्धालुओं के लिए नागरिक सुविधाएं आज के मुकाबले और भी बेहतर और विकसित होनी चाहिए।”
उनका विजन है कि मेले के दौरान जल आपूर्ति, स्वच्छता, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा के ऐसे इंतजाम हों जो किसी भी बड़े राष्ट्रीय स्तर के मेले के समकक्ष हों। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए परिसर का मास्टर प्लान तैयार किया जाए। परशुराम स्थान को केवल एक मंदिर परिसर के रूप में नहीं, बल्कि एक संपूर्ण सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में देखा जाना चाहिए।
औद्योगिक मोकामा: हैवी इंडस्ट्री के लिए जमीन का अधिग्रहण
बैठक और उद्घाटन सत्र के दौरान सम्राट चौधरी ने मोकामा के औद्योगिक गौरव को वापस लौटाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. को सीधे निर्देश दिए कि मोकामा और उसके आसपास के क्षेत्रों में ‘हैवी इंडस्ट्री’ (भारी उद्योग) के विकास की काफी संभावनाएं हैं। इसके लिए जिलाधिकारी को सस्ती और उपयुक्त जमीन को चिह्नित करने का कार्य तत्काल शुरू करने को कहा गया है।
सम्राट चौधरी ने कहा, “मोकामा एक समय में उद्योगों का केंद्र था, हमें उस पहचान को फिर से स्थापित करना है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि उद्योगों के लिए एक विस्तृत औद्योगिक कॉरिडोर तैयार किया जा सके।” सरकार की योजना है कि मोकामा में ऐसे बड़े उद्योगों को आमंत्रित किया जाए जो स्थानीय कच्चे माल और मानव संसाधन का उपयोग कर सकें। इससे क्षेत्र से होने वाले पलायन पर भी रोक लगेगी।
मोकामा अस्पताल का कायाकल्प: ललन सिंह और अनंत सिंह का आग्रह
मोकामा में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर भी सम्राट चौधरी ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और मोकामा के विधायक अनंत कुमार सिंह ने उनसे मोकामा अस्पताल को और बेहतर बनाने और वहां आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करने का विशेष आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने इस मांग को जायज बताते हुए आश्वासन दिया कि सरकार इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि मोकामा के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब पटना या अन्य शहरों की ओर नहीं दौड़ना पड़ेगा। मोकामा अस्पताल को एक ऐसे ‘सुपर स्पेशियलिटी’ केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है जहाँ आधुनिक जांच उपकरण और पर्याप्त संख्या में विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हों। यह पहल न केवल मोकामा बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों के लिए संजीवनी साबित होगी।
तिरुपति मंदिर की कल्पना और बुनियादी ढांचे का जाल
सम्राट चौधरी ने मोकामावासियों को बधाई देते हुए एक और महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मोकामा की धरती पर भगवान तिरुपति के मंदिर की भी कल्पना की गई है और इसके निर्माण की दिशा में कार्य बढ़ रहा है। यह मंदिर बनने के बाद मोकामा उत्तर भारत के एक बड़े धार्मिक पर्यटन सर्किट का हिस्सा बन जाएगा। भगवान परशुराम को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि परशुराम जी ने हमेशा अनीतियों और अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी, जो आज के समय में भी हम सबके लिए प्रेरणा का स्रोत है।
क्षेत्र के बुनियादी ढांचे की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की जोड़ी ने मोकामा को रेल पुल, फोरलेन सड़कों और कई बड़े पुलों की सौगात दी है। आज मोकामा की कनेक्टिविटी पहले के मुकाबले कई गुना बेहतर हुई है। फोरलेन सड़कें और बुनियादी सुविधाएं इस क्षेत्र के विकास का इंजन बन रही हैं। सम्राट चौधरी ने अंत में बिहार की सुख, शांति और समृद्धि के लिए भगवान परशुराम का आशीर्वाद मांगा और सभी को उनके आदर्शों पर चलने का संदेश दिया।
बैठक में शामिल गणमान्य और प्रशासनिक अमला
इस भव्य डिजिटल शिलान्यास और उद्घाटन कार्यक्रम में सत्ता और प्रशासन के कई बड़े चेहरे शामिल थे। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और मोकामा के विकास के लिए सम्राट चौधरी के प्रयासों की सराहना की। उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने भी अपने विचार रखे और क्षेत्र के संतुलित विकास पर जोर दिया।
प्रशासनिक स्तर पर नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, कुमार रवि, चंद्रशेखर सिंह और प्रमंडलीय आयुक्त अनिमेष पराशर सहित कई वरीय अधिकारी पटना से जुड़े रहे। वहीं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मोकामा से विधायक अनंत कुमार सिंह, जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. और बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और जनप्रतिनिधि जुड़े हुए थे। कार्यक्रम के दौरान परशुराम स्थान परिसर में बनने वाली कमर्शियल बिल्डिंग के मॉडल और सुविधाओं पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई, जिसे देखकर स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखा गया। मोकामा अब एक ऐसी नई इबारत लिखने को तैयार है जहाँ भक्ति और शक्ति के साथ विकास की गंगा बहेगी।


