देश की राजनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं लगातार तेज हैं, खासकर तब जब 2029 के लोकसभा चुनावों की तैयारी धीरे-धीरे शुरू हो रही है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक विश्लेषकों और मीडिया जगत तक, यह सवाल बार-बार उठाया जाता है कि मोदी के बाद भाजपा की कमान किसके हाथ में जाएगी। इस बीच, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सर संघचालक मोहन भागवत और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयानों ने इस बहस को नया आयाम दे दिया है।
मोहन भागवत का स्पष्ट जवाब – यह सवाल मेरे अधिकार क्षेत्र से बाहर
एक कार्यक्रम के दौरान जब मोहन भागवत से पूछा गया कि प्रधानमंत्री मोदी के बाद देश का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा, तो उन्होंने इस सवाल को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए इससे दूरी बनाई। उन्होंने कहा, “कुछ सवाल मेरे अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं। इस पर मैं राय नहीं दे सकता। मैं सिर्फ शुभकामनाएं दे सकता हूं। बाकी निर्णय प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के नेतृत्व का है।”
भागवत के इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया कि RSS इस चर्चा से पूरी तरह दूरी बनाए रखना चाहती है और नेतृत्व परिवर्तन को फिलहाल भविष्य का विषय मानती है।
भाजपा में रिटायरमेंट पॉलिसी की चर्चा से बढ़ी थीं अटकलें
हाल ही में भाजपा में उम्र आधारित रिटायरमेंट नीति को लेकर चर्चाएं गर्म हुई थीं, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें तेज हो गईं कि क्या पार्टी 2029 से पहले नई नेतृत्व संरचना पर विचार कर रही है। हालांकि भाजपा ने इन खबरों का खंडन करते हुए साफ कह दिया कि प्रधानमंत्री मोदी ही 2029 के आम चुनाव में पार्टी का नेतृत्व करेंगे।
फडणवीस का बयान – अभी किसी और के बारे में सोचने का सवाल ही नहीं
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से जब पीएम मोदी के उत्तराधिकारी पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में इस तरह के सवालों की कोई प्रासंगिकता नहीं है। उन्होंने कहा, “अभी किसी और का नाम सोचने की ज़रूरत ही नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी पूरी तरह स्वस्थ, ऊर्जावान और नेतृत्व के लिए सक्षम हैं। 2029 का चुनाव भी वही लड़ाएंगे।”
उन्होंने पीएम मोदी की कार्यशैली की भी सराहना की और कहा कि प्रधानमंत्री प्रतिदिन 17 घंटे से अधिक काम करते हैं। “मोदी जी की ऊर्जा 40 साल के व्यक्ति से भी अधिक है। वह कभी थकान नहीं दिखाते, न ही बैठकों में जम्हाई लेते हैं। जब तक वह शारीरिक और मानसिक रूप से फिट हैं, तब तक उनके अलावा किसी और को प्रधानमंत्री के रूप में देखने का कोई सवाल नहीं उठता।”
मोहन भागवत का प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक लोकप्रियता पर बयान
भागवत ने हाल ही में पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में भी कहा था कि आज दुनिया में पीएम मोदी को इसलिए सुना जा रहा है क्योंकि भारत अपनी शक्ति और नीतियों को सही मंचों पर प्रभावी रूप से प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव के पीछे प्रधानमंत्री मोदी की निर्णायक भूमिका है।
भाजपा और RSS ने दिया एकजुट संदेश — अभी कोई नेतृत्व परिवर्तन नहीं
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान घरेलू और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए भाजपा और RSS दोनों ही नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को फिलहाल दरकिनार रखना चाहते हैं। पार्टी यह भी नहीं चाहती कि 2029 के चुनाव से पहले किसी प्रकार का नेतृत्व विवाद पैदा हो।
भागवत और फडणवीस के बयानों से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि आने वाले वर्षों में पार्टी की नीतियां, संगठनात्मक रणनीतियाँ और चुनावी रोडमैप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ही नेतृत्व में तैयार होंगे।


