केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप एस. पुरी ने अपने विश्लेषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12वें स्वतंत्रता दिवस के भाषण को एक अभूतपूर्व और असाधारण आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि इस भाषण में विकसित भारत के पथ पर तेजी से बढ़ने के लिए सीधे तौर पर लक्षित सुधारों—जिसे वे “ब्राह्मास्त्र” की तरह मानते हैं—को प्रस्तुत किया गया।
पूरी दुनिया असामान्य आर्थिक उथल-पुथल का सामना कर रही है, लेकिन भारत तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री के भाषण में डिजिटल इंडिया, ऊर्जा सुरक्षा, राष्ट्रीय खनिज नीति, औद्योगिक और वित्तीय सुधार, रोज़गार सृजन और ऊर्जा स्वतंत्रता जैसे कई महत्वपूर्ण सुधारों पर जोर दिया गया।
डिजिटल इंडिया और तकनीकी स्वतंत्रता:
- यूपीआई दुनिया के आधे रीयल-टाइम लेनदेन के लिए उत्तरदायी है।
- मेड-इन-इंडिया चिप्स लॉन्च से भारत वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनेगा।
- महत्वपूर्ण तकनीकों पर भारत की संप्रभुता डिजिटल स्वराज की दिशा में एक बड़ा कदम है।
ऊर्जा क्षेत्र में सुधार और आत्मनिर्भरता:
- “नो गो” क्षेत्रों में ढाई दशक से चली आ रही बाधाओं को कम कर 10 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र ईंधन अन्वेषण के लिए मुक्त किया गया।
- राष्ट्रीय गहरे जल अन्वेषण मिशन से बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में तेल और गैस भंडारों का पता लगाने का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम शुरू हुआ।
- 2032 तक घरेलू तेल और गैस उत्पादन को तीन गुना बढ़ाकर 85 मिलियन टन और राष्ट्रीय भंडार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया गया।
- 2025 तक स्वच्छ ऊर्जा में 50% लक्ष्य हासिल, जैव ईंधन और हरित हाइड्रोजन उत्पादन बढ़ा।
- असैन्य परमाणु ऊर्जा को निजी क्षेत्र के लिए खोल दिया गया।
औद्योगिक और खनिज नीति:
- राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन से लिथियम, दुर्लभ मृदा तत्व, निकल और कोबाल्ट में भारत की स्वदेशी आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
- स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को 25-30% से बढ़ाकर 70% तक किया जाएगा।
- उद्योग जगत और किसानों से आत्मनिर्भरता और संसाधनों का संतुलित उपयोग करने का आह्वान।
वित्तीय और कर सुधार:
- 1961 के आयकर अधिनियम में बदलाव, जटिल धाराओं में कटौती, 12 लाख रुपये तक की राहत।
- फेसलेस मूल्यांकन से प्रणाली पारदर्शी, कुशल और भ्रष्टाचार मुक्त होगी।
- जीएसटी 2.0 और दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता से अनुपालनों और पुराने कानूनों में सुधार।
- प्रत्यक्ष लाभ अंतरण से 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर लाने का प्रयास।
रोज़गार और स्टार्टअप्स:
- पीएम विकसित भारत रोज़गार योजना के तहत 1 लाख करोड़ रुपये का परिव्यय, युवाओं को 15,000 रुपये प्रति माह सहायता।
- टास्क फोर्स के माध्यम से स्टार्टअप और एमएसएमई पर अनुपालन बोझ कम करने का प्रयास।
हरदीप एस. पुरी ने निष्कर्ष में कहा कि 15 अगस्त के भाषण में घोषित सुधार केवल अगले दिन की सुर्खियों के लिए नहीं, बल्कि 2047 के भारत के लिए दीर्घकालिक दृष्टि और रणनीति पर आधारित हैं। यह भाषण भारतीय सभ्यता की जड़ों से प्रेरणा लेकर आधुनिक शक्ति और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में एक निर्णायक कदम है।


