
पटना, बिहार में औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है। राज्य के कृषि-आधारित उद्योगों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मुजफ्फरपुर में एक अत्याधुनिक डेयरी प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जाएगी। इस परियोजना पर करीब 85.03 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे न सिर्फ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
यह डेयरी यूनिट ओसम डेयरी (एचआर फूड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड) द्वारा स्थापित की जाएगी। परियोजना को प्रोजेक्ट क्लीयरेंस कमिटी (PCC) से स्वीकृति मिल चुकी है और इसके लिए ने मुजफ्फरपुर के मोतीपुर क्लस्टर स्थित डुमरिया औद्योगिक क्षेत्र में 7.14 एकड़ भूमि आवंटित की है।
227 लोगों को मिलेगा रोजगार, किसानों को होगा सीधा फायदा
इस परियोजना के शुरू होने से लगभग 227 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। साथ ही, डेयरी उद्योग के विस्तार से आसपास के किसानों को भी बड़ा लाभ मिलेगा, क्योंकि दूध की मांग बढ़ने से उनकी आय में वृद्धि होगी।
प्रस्तावित इकाई में दूध से बने विभिन्न उत्पाद जैसे दही, पनीर, लस्सी, मक्खन, घी, फ्लेवर्ड मिल्क और मिठाइयों का उत्पादन किया जाएगा। इससे डेयरी सेक्टर में वैल्यू एडिशन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग सुविधाएं विकसित होंगी।
फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को बढ़ावा देने की रणनीति
उद्योग मंत्री ने इस पहल को राज्य के औद्योगिक विकास के लिए अहम बताते हुए कहा कि सरकार कृषि आधारित और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों को प्राथमिकता दे रही है। ऐसे प्रोजेक्ट न केवल रोजगार सृजन करते हैं, बल्कि किसानों से जुड़ी सप्लाई चेन को भी मजबूत बनाते हैं।
वहीं विभागीय सचिव ने कहा कि राज्य में निवेश को आकर्षित करने के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा और त्वरित स्वीकृति की व्यवस्था की जा रही है। इससे बिहार फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के लिए एक उभरते हुए हब के रूप में स्थापित हो रहा है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा मजबूती
यह डेयरी यूनिट न केवल औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाएगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम भी बनेगी। वैज्ञानिक प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन के जरिए फसलोपरांत नुकसान को कम किया जा सकेगा और किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिलेगा।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि बिहार की मजबूत कृषि आधारशिला का उपयोग करते हुए सतत और समावेशी औद्योगिक विकास को बढ़ावा दिया जाए, ताकि रोजगार और आर्थिक प्रगति दोनों को एक साथ गति मिल सके।


