भागलपुर | 25 फरवरी, 2026 बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन ‘एक्शन मोड’ में नजर आ रहा है। जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में आज समीक्षा भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री के सात निश्चय-2 और नए संकल्प सात निश्चय-3 के तहत जिले में चल रहे विकास कार्यों की बारीकी से समीक्षा की गई। डीएम ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सात निश्चय-2: बुनियादी ढांचे और सशक्तिकरण पर जोर
बैठक के दौरान ‘सात निश्चय-2’ के अंतर्गत चल रही पुरानी और चल रही योजनाओं की स्थिति जांची गई। जिलाधिकारी ने निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर निर्देश दिए:
- कृषि एवं सिंचाई: ‘हर खेत को सिंचाई का पानी’ पहुंचाने के लक्ष्य के तहत जिले में चेक डैम का निर्माण और कृषि फीडर लगाने के कार्य में तेजी लाने को कहा गया।
- ग्रामीण विकास: ग्रामीण क्षेत्रों में सुलभ संपर्कता के लिए बनाई जा रही सड़कों और ‘स्वच्छ गांव-समृद्ध गांव’ के तहत सोलर लाइट की स्थापना की समीक्षा की गई।
- कौशल विकास: युवाओं के लिए जिले के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ और ‘मेजर स्किल सेंटर’ की स्थापना के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।
- सामाजिक कल्याण: विद्युत शवदाह गृह का निर्माण और मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत दिए गए ऋण से वास्तव में कितने रोजगार पैदा हुए, इसकी भौतिक जांच करने के निर्देश दिए गए।
सात निश्चय-3: ‘दोगुनी आय और उज्ज्वल भविष्य’ का खाका
सरकार के नए संकल्प ‘सात निश्चय-3’ की प्राथमिकताओं पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने भविष्य की योजनाओं का रोडमैप साझा किया:
- महिला सशक्तिकरण: ‘दोगुना रोजगार-दोगुनी आय’ के लक्ष्य के तहत मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की समीक्षा हुई। डीएम ने अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी कि ऋण प्राप्त करने के बाद कितनी महिलाओं ने धरातल पर अपना रोजगार शुरू कर दिया है।
- शिक्षा का विस्तार: जिले के प्रत्येक प्रखंड में एक ‘आदर्श विद्यालय’ और प्रत्येक प्रखंड में एक ‘डिग्री कॉलेज’ की स्थापना के लिए भूमि चिन्हित करने और निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने को कहा गया।
- औद्योगिक प्रगति: ‘समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार’ के अंतर्गत नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की संभावनाओं पर मंथन किया गया।
- स्वास्थ्य और खेल: ‘सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन’ के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और ‘मजबूत आधार’ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में खेल के मैदानों के निर्माण पर चर्चा हुई।
अधिकारियों को कड़ी हिदायत: कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखे काम
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित सभी पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे केवल फाइलों तक सीमित न रहें।
“सात निश्चय की योजनाएं बिहार के विकास की रीढ़ हैं। हर घर नल का जल, सोलर लाइट और ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा करें और सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।” — डॉक्टर नवल किशोर चौधरी, जिलाधिकारी, भागलपुर
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC) श्री प्रदीप कुमार सिंह, अपर समाहर्ता श्री दिनेश राम, अपर समाहर्ता (विधि व्यवस्था) श्री राकेश रंजन, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) श्री कुंदन कुमार, और संयुक्त निदेशक (जनसंपर्क) नागेंद्र कुमार गुप्ता सहित शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे।
VOB का नजरिया: पारदर्शिता ही असली परीक्षा
भागलपुर में सात निश्चय के पहले चरण की कई योजनाओं (जैसे नल-जल) की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। ऐसे में ‘सात निश्चय-3’ के तहत डिग्री कॉलेज और आदर्श विद्यालयों की स्थापना का संकल्प सराहनीय है। प्रशासन की चुनौती इन योजनाओं को भ्रष्टाचार मुक्त रखना और समय सीमा के भीतर पूरा करना होगी।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


