रिश्ता तय होते ही भागा दूल्हा, तीन भाइयों ने ठुकराया, चौथे से हुई शादी; विदाई से पहले ही फरार हुआ दूल्हा पक्ष

मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से एक ऐसी शादी की कहानी सामने आई है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। यह मामला सिर्फ एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि सामाजिक और कानूनी सवाल भी खड़े करता है। यहां एक युवती की शादी के दौरान जो घटनाक्रम हुआ, वह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है—जहां एक के बाद एक दूल्हे बदले गए और आखिर में शादी होने के बावजूद दुल्हन को ससुराल नसीब नहीं हो सका।

तीन दिन पहले गायब हुआ पहला दूल्हा

पूरा मामला देहात कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। यहां एक युवती की शादी कछवां थाना क्षेत्र के युवक से तय हुई थी। शादी की तारीख 20 अप्रैल 2026 निर्धारित थी और घर में तैयारियां जोरों पर थीं। लेकिन शादी से महज तीन दिन पहले, 17 अप्रैल को दूल्हा अचानक लापता हो गया।

इस घटना से दोनों परिवारों में हड़कंप मच गया। लड़की पक्ष के सामने सबसे बड़ी चिंता समाज में बदनामी और बेटी के भविष्य को लेकर थी। ऐसे में लड़के के पिता ने स्थिति संभालने के लिए एक प्रस्ताव रखा।

एक के बाद एक तीन बेटों ने किया इनकार

लड़के के पिता ने कहा कि वह अपने दूसरे बेटे से शादी करवा देगा। लेकिन किस्मत ने यहां भी साथ नहीं दिया। दूसरा बेटा अचानक बीमार पड़ गया और उसने शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद तीसरे बेटे की बात चली, लेकिन उसने भी साफ तौर पर मना कर दिया।

अब स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी थी। शादी का मंडप सज चुका था, रिश्तेदार आ चुके थे और लड़की पक्ष पूरी तरह दबाव में था। मामला पुलिस तक पहुंच गया, जहां से लड़के के परिवार पर दबाव बनाया गया कि शादी किसी तरह संपन्न कराई जाए।

चौथे बेटे से कराई गई शादी

अंततः पुलिस के दबाव और सामाजिक बदनामी के डर से लड़के के पिता ने अपने चौथे और सबसे छोटे बेटे को शादी के लिए तैयार किया। 20 अप्रैल को धूमधाम से बारात आई और पूरे रीति-रिवाज के साथ शादी संपन्न हो गई।

लड़की पक्ष को लगा कि सारी परेशानियां खत्म हो गई हैं और अब उनकी बेटी का घर बस जाएगा। लेकिन असली कहानी तो अभी बाकी थी।

रात में ही फरार हुआ दूल्हा पक्ष

शादी के अगले दिन सुबह जब लड़की पक्ष विदाई की तैयारी के लिए बारात ठहरने वाली जगह पर पहुंचा, तो वहां का नजारा देखकर सब हैरान रह गए। दूल्हा, उसका पिता और सभी बाराती रात के अंधेरे में ही वहां से फरार हो चुके थे।

न तो किसी को सूचना दी गई और न ही कोई संदेश छोड़ा गया। यह घटना लड़की पक्ष के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं थी।

ससुर ने रख दी अजीब शर्त

जब लड़की के पिता ने दूल्हे के पिता से संपर्क किया, तो उन्होंने एक चौंकाने वाली शर्त रख दी। उनका कहना था कि विदाई तभी होगी, जब पहला दूल्हा—जो शादी से पहले गायब हो गया था—वापस आ जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि असली हकदार वही है और उसी के आने पर ही लड़की की विदाई की जाएगी। यह तर्क सुनकर लड़की पक्ष पूरी तरह हैरान और परेशान हो गया।

शादी के बाद भी मायके में बैठी दुल्हन

धूमधाम से शादी होने के बावजूद दुल्हन आज भी अपने मायके में है। दूल्हा पक्ष न तो उसे लेने आ रहा है और न ही कोई स्पष्ट जवाब दे रहा है। इससे लड़की और उसके परिवार की मानसिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है।

परिजन अब न्याय के लिए पुलिस और प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी गुहार लगाई है, ताकि उनकी बेटी को न्याय मिल सके।

सामाजिक और कानूनी सवाल

यह मामला कई गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या किसी शादी को इस तरह मजाक बनाया जा सकता है? क्या एक लड़की की जिंदगी के साथ इस तरह खिलवाड़ करना उचित है?

कानूनी रूप से भी यह मामला धोखाधड़ी, मानसिक उत्पीड़न और विश्वासघात की श्रेणी में आ सकता है। यदि लड़की पक्ष शिकायत दर्ज कराता है, तो दूल्हा पक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है।

इलाके में चर्चा का विषय

यह अनोखी शादी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे ‘एक दुल्हन, चार दूल्हे’ वाली घटना के रूप में देख रहे हैं। हर कोई इस पर अपनी राय दे रहा है और इसे सामाजिक व्यवस्था पर एक सवाल के रूप में देख रहा है।

मिर्जापुर की यह घटना न सिर्फ हैरान करने वाली है, बल्कि समाज को सोचने पर भी मजबूर करती है। एक लड़की के जीवन के साथ इस तरह का खिलवाड़ न सिर्फ अमानवीय है, बल्कि कानून के भी खिलाफ है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।

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