नवादा सदर अस्पताल का हाल देख भड़के मंत्री प्रेम कुमार, डीएम को दिया 1 हफ्ते का अल्टीमेटम

बिहार सरकार के मंत्री डॉ. प्रेम कुमार देर रात सोमवार को नवादा सदर अस्पताल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे, जहां वह अस्पताल की कुव्यवस्था को देखकर भड़क गए और जमकर अधिकारियों को खरीखोटी सुनाई. अस्पताल के सभी हिस्सों में गंदगी देखकर प्रेम कुमार भड़क गए, जिसके बाद अधिकारियों को उन्होंने खूब सुनाया।

नवादा सदर अस्पताल पहुंचे प्रेम कुमार: मंत्री के अचानक सदर अस्पताल पहुंच जाने पर अस्पताल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों में अफरातफरी मच गयी.सभी अपने -अपने ड्यूटी पर विराजमान होने भागते नजर आए. मंत्री डॉ .प्रेम कुमार ने सदर अस्पताल पहुंचते ही सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने इधर -उधर गंदगी देखकर ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर से सवाल पूछा और कहा ऐसी स्थिति में मरीजों का कैसे स्वच्छ तरीके से उपचार होगा।

“अस्पताल में सफाई की कमी है, गंदगी का अंबार लगा हुआ है. पंखे बंद पड़े हैं, बेड के चादर भी गंदे हैं. हमने समीक्षा करके जल्द से जल्द इन समस्याओं को दूर करने का निर्देश दिया है.मुझसे लोगों ने अस्पताल की व्यवस्था को लेकर शिकायत की थी, इसलिए मैं आया हूं.”- डॉ. प्रेम कुमार, मंत्री बिहार सरकार

जल जमाव देख भड़के: मंत्री प्रेम कुमार डॉक्टर चैम्बर के बाहर पानी जमा देखकर भी खूब बिगड़े. उन्होंने कहा कि इस तरह स्थिति नारकीय बनाकर रखेंगे ,तो मरीज कैसे आएंगे. सदर अस्पताल की कई खामियों को देखकर उन्होंने मौके पर मौजूद नवादा डीएम आशुतोष कुमार वर्मा को आदेश दिया कि जल्द से जल्द वह अस्पताल का निरीक्षण कर त्रुटियों को दूर करें. इसमें जो कर्मी की लापरवाही निकलती है, उसके ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई करें।

पंखा खराब…गंदगी का अंबार: निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी वार्ड में कई पंखे खराब मिले जिसे देख भी वो काफी नाराज हुए और उसे अविलंब ठीक कराने के लिए आदेश दिया. इस दौरान डॉक्टर प्रेम कुमार अस्पताल में भर्ती मरीजों से भी मिले और उनका हालचाल जाना.उन्होंने अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे जाना.निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि बहुत जल्द फिर से हम इस अस्पताल का निरीक्षण करेंगे. अगर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो हम कड़े कदम उठाएंगे।

डीएम को एक सप्ताह का समय: मंत्री डॉ . प्रेम कुमार ने अस्पताल के अधिकारियों को अस्पताल की कुव्यवस्था को पूरी तरह से ठीक और सुसज्जित करने के लिए एक सप्ताह का मौका दिया और कहा कि अगर एक सप्ताह के अंदर अस्पताल की व्यवस्था को ठीक नहीं किया गया तो जो भी जिम्मेदार लोग है उनपर कार्रवाई की जाएगी।

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