दरभंगा हिंसा पर एक्शन में मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन: DMCH पहुँचकर जाना पीड़ितों का हाल; दोषियों पर ‘स्ट्राइक’ और सहायता का दिया बड़ा भरोसा

दरभंगा/पटना | 26 फरवरी, 2026 दरभंगा में एक अनुसूचित जाति (SC) परिवार के विरुद्ध हुई हिंसा की गूँज अब सत्ता के गलियारों तक पहुँच गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एससी-एसटी कल्याण विभाग के मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन बुधवार को खुद जमीन पर उतरे। उन्होंने दरभंगा पहुँचकर न केवल पीड़ितों का हाल जाना, बल्कि जिला प्रशासन और पुलिस को स्पष्ट चेतावनी दी कि इस मामले में ‘इंसाफ’ की रफ्तार कम नहीं होनी चाहिए।

DMCH में भावुक मुलाकात: “सरकार आपके साथ खड़ी है”

​मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन सीधे दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) पहुँचे, जहाँ हिंसा के शिकार परिवार के सदस्य इलाजरत हैं। पीड़ितों के जख्मों को देख मंत्री भावुक नजर आए और उन्हें ढांढस बंधाते हुए कहा कि यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें न्याय मिले।

  • मुफ्त और श्रेष्ठ इलाज: मंत्री ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों को सख्त हिदायत दी कि इलाज में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए।
  • त्रिपक्षीय सहायता: सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक, चिकित्सीय और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया है।

पुलिस और प्रशासन को ‘अल्टीमेटम’: दोषियों की खैर नहीं

​अस्पताल से निकलने के बाद मंत्री ने जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों के साथ समीक्षा की। उन्होंने मामले की तह तक जाने और सभी दोषियों को अविलंब सलाखों के पीछे भेजने का निर्देश दिया।

  1. त्वरित पहचान: पुलिस को निर्देश दिया गया है कि तकनीकी और जमीनी इनपुट के आधार पर हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
  2. कठोर कार्रवाई: मंत्री ने साफ लहजे में कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विरुद्ध अत्याचार या भेदभाव बिहार में कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
  3. नजीर बनेगी सजा: दोषियों के विरुद्ध ऐसी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए जो भविष्य के लिए एक नजीर साबित हो।

सामाजिक न्याय के प्रति अटूट प्रतिबद्धता

​मंत्री ने मीडिया से बात करते हुए सरकार का विजन स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार सरकार ‘सामाजिक न्याय, समानता और कानून के शासन’ के प्रति पूरी तरह समर्पित है। ऐसी घटनाओं को रोकना और पीड़ितों को मुख्यधारा में वापस लाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

VOB का नजरिया: क्या केवल दौरा काफी है?

​दरभंगा जैसी जगहों पर जातीय तनाव या हिंसा की घटनाएं समाज की समरसता के लिए बड़ा खतरा हैं। मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन का पीड़ितों के बीच पहुँचना एक सकारात्मक संदेश देता है, लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब पुलिस बिना किसी दबाव के अपराधियों को सजा दिला पाएगी। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ उम्मीद करता है कि मंत्री के इस दौरे के बाद मामले की जांच में तेजी आएगी और पीड़ित परिवार को वास्तविक न्याय मिलेगा।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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