मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब 21वें दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। यह युद्ध अब केवल कुछ देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका प्रभाव यूरोप, एशिया सहित पूरी दुनिया पर दिखने लगा है।
ताज़ा घटनाक्रम में इजरायल द्वारा कतर के रस लाफान औद्योगिक शहर पर मिसाइल हमला किया गया है। यह शहर दुनिया का सबसे बड़ा तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) निर्यात केंद्र माना जाता है। हमले में इस हब को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते इसकी एक्सपोर्ट क्षमता में लगभग 17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
कतर एनर्जी के अनुसार, इस हमले से देश के ऊर्जा सेक्टर को गंभीर झटका लगा है। ऊर्जा मंत्री साद शेरिदा अल-काबी ने बताया कि LNG निर्यात में कमी के कारण कतर को सालाना करीब 20 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है।
कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि उत्पादन सुविधाओं को व्यापक नुकसान हुआ है, जिसकी मरम्मत में पांच साल तक का समय लग सकता है। ऐसे में कतर को “फोर्स मेज्योर” जैसी स्थिति घोषित करनी पड़ सकती है।
इस हमले का असर केवल कतर तक सीमित नहीं रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि LNG सप्लाई में कमी से यूरोप और एशिया के ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है और वैश्विक ऊर्जा संकट और गहरा सकता है।


