तेजस्वी को सीएम बनाने के लिए दिल्ली में बुलाई मीटिंग, बड़े-बड़े नेताओं को बुलाया गया, बदलाव के लिए तैयार है बिहार

बिहार में कुछ दिन पहले राजद सुप्रीमो लालू यादव ने कहा था कि विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की जीत होगी और तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनेंगे। अब लालू यादव के इन बातों को सही साबित करने की तैयारी शुरु हो गई है। वह भी पटना में नहीं, बल्कि देश की राजधानी दिल्ली में। जहां तेजस्वी को बिहार का सीएम कैसे बनाएं, इसको लेकर मीटिंग की गई है। इस मीटिंग में बड़े-बड़े नेता शामिल हुए, जिन्होंने तेजस्वी के जीत का रास्ता तैयार करने की रणनीति पर चर्चा की।

बता दें कि बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा का चुनाव होना है। एक तरफ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इन दिनों बिहार का दौरा कर रहे हैं तो दूसरी ओर उनकी पार्टी के नेता भी आरजेडी और महागठबंधन की सरकार बनाने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं। वहीं विधानसभा चुनाव से पहले आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह की अगुवाई में राजधानी दिल्ली में बिहार के ज्वलंत नीतिगत पहलुओं पर बातचीत करने के लिए बिहार नीति विपर्श संवाद (Bihar Policy Dialogue) का आयोजन किया गया।

दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने News4Nation से बातचीत करते हुए कहा कि बिहार सामाजिक-राजनीतिक उदासीनता एवं नीतिगत खामियों के कारण आर्थिक पिछड़ेपन से जूझता रहा है जिसके वजह से बिहार की एक बड़ी आबादी का समावेशी विकास नहीं हो पाया है।

इस संवाद कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य बिहार के वर्तमान सामाजिक एवं आर्थिक पहलुओं एवं नीतिगत योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन नीतिगत समाधानों को चिन्हित करना है जिसके सहारे बिहार को 2050 तक भारत के सबसे विकसित क्षेत्रों की श्रेणी में लाया जा सके।

उन्होंने आगे बताया कि हमारा लक्ष्य एक समावेशी मंच तैयार करने का है जहाँ विभिन्न नीतिगत दृष्टिकोण राज्य हित में एक साथ आ सके और हम बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों, सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर बिहार के सतत विकास के लिए एक व्यापक नीतिगत रोड मैप तैयार कर सकें। बिहार पॉलिसी डायलॉग में कुल चार सत्र आयोजित किए गए जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और सार्वजनिक वित्त/अर्थव्यवस्था से जुड़ी समस्या और उसके समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई।

उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के कार्यक्रम आगे भी बिहार में आयोजित होते रहेंगे। चुनाव से पहले इस तरह के कार्यक्रम से जो सुझाव आएंगे उसको आरजेडी और इंडिया गठबंधन के घोषणा पत्र में शामिल कराने का प्रयास किया जाएगा।

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