23 मई को बक्सर आएंगी मायावती, BSP कैंडिडेट अनिल सिंह के पक्ष में करेंगी जनसभा

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती बक्सर लोकसभा प्रत्याशी अनिल कुमार सिंह के समर्थन में 23 मई को आईटीआई मैदान से चुनावी हुंकार भरेंगी. उनके इस जनसभा को सफल बनाने के लिए बहुजन समाज पार्टी के हर एक नेता जी जान से जुट गए है. गौरतलब हो कि बक्सर लोकसभा क्षेत्र में कुल 6 विधानसभा पड़ते है. जंहा 19 लाख 16 हजार 292 मतदाता 1 जून को 1941 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

शाहबाद क्षेत्र की हॉट सीट बनी: दरअसल, बक्सर लोकसभा सीट पर एक जून को सातवें चरण में मतदान होना है. उससे पहले सभी पार्टी के नेताओ ने इस लोकसभा सीट को जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. जिससे यह लोकसभा सीट पूरे शाहबाद क्षेत्र की हॉट सीट बन गई है. यही कारण है कि तमाम पार्टी के बड़े नेताओं का बक्सर में आगमन होने जा रहा है।

यंहा के लोगों में स्वाभिमान: अपने धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए गंगा नदी के तट पर बसा बक्सर, त्रेतायुग में भगवान राम का पाठशाला रहा है. जंहा शिक्षा ग्रहण कर भगवान राम ने ताड़का, सुबाहु, मारीच आदि राक्षसों का वध कर इस अध्यात्म की नगरी को राक्षस विहीन कर दिया था. 1539 में चौसा एवं 1764 में बक्सर का युद्ध इसी तपोभूमि पर लड़ा गया. यंहा के लोगों का स्वाभिमान उनके चेहरे पर साफ झलकता है।6

23 को मायावती, 25 को आएंगे पीएम: राजनीति के जानकारों की माने तो जिस पार्टी के प्रत्याशी ने बक्सर के रण को जीता है.उसने पूरे देश पर राज किया है. इस लोकसभा सीट का चुनावी परिणाम प्रदेश के एक दर्जन से अधिक लोकसभा सीट को प्रभावित करता है. यहीं कारण है कि इस महासंग्राम को जीतने के लिए 23 मई को जहां बीएसपी सुप्रीमो मायावती आ रही है. तो वहीं, 25 मई को प्रधानमंत्री नरन्द्र मोदी आ रहे है।

क्या कहते है बीएसपी नेता: बीएसपी के बक्सर लोकसभा उम्मीदवार मशहूर बिल्डर अनिल सिंह ने बताया कि 23 मई को शहर के आईटीआई मैदान में बहन मायावती विशाल जन सभा को सम्बोधित करेंगी. जिसको लेकर लोगों मे काफी उत्साह है. इस लोकसभा सीट पर बहुजन समाज पार्टी और भाजपा के प्रत्याशी के बीच सीधा मुकाबला होनी है. जिसके कारण राजद लड़ाई से बाहर है।

“पिछले बार के चुनाव में जितना भोट राजद को आया था, उतना ही भोट मुझे मिला था. इस बार सुधाकर सिंह भाजपा की बी टीम के रूप में काम कर रहे है. 4 जून को उनको अपनी लोकप्रियता का ज्ञान हो जाएगा. उन्होंने मंत्री रहते हुए माल बनाने के सिवा कुछ नहीं किया, जिसके कारण उनसे मंत्री पद छीन लिया गया.” – अनिल सिंह, बीएसपी उम्मीदवार

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