
भागलपुर। मायागंज अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में इलाज की गति अब सुपरफास्ट होने वाली है। डेढ़ साल से अटकी पड़ी अल्ट्रा सुपरफास्ट एक्सरे मशीन लगाने की प्रक्रिया आखिरकार मंगलवार को आगे बढ़ गई, जब पटना से बीएमएसआईसीएल के जीएम अस्पताल पहुंचे और अधीक्षक से बैठक की।
इस बैठक के बाद मशीन स्थापना में आ रही सभी अड़चनें दूर हो गईं और अस्पताल प्रशासन ने तत्परता से काम शुरू कर दिया है।
अब घंटों नहीं, मिनटों में होगी एक्सरे जांच
फिलहाल मायागंज अस्पताल में एक्सरे जांच के लिए मरीजों को 3 से 4 घंटे इंतजार करना पड़ता है, लेकिन नई मशीन के आने के बाद 150-200 मरीजों की जांच महज आधे घंटे में संभव होगी।
इस मशीन से जांच की रफ्तार 6 गुना बढ़ जाएगी, जिससे ओपीडी और इमरजेंसी मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
सूबे में सिर्फ दो जगह है ये सुविधा
अब तक यह अल्ट्रा सुपरफास्ट एक्सरे मशीन केवल दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (DMCH) और पटना मेडिकल कॉलेज (PMCH) में उपलब्ध थी। भागलपुर राज्य का तीसरा शहर होगा, जहां यह अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी।
अस्पताल प्रशासन ने जताई खुशी
अस्पताल अधीक्षक डॉ. अविलेश कुमार ने कहा कि:
“यह मशीन आने से मरीजों की परेशानी कम होगी और जांच रिपोर्ट तेजी से मिलने से इलाज में देरी नहीं होगी। विभाग की कार्यक्षमता बढ़ेगी और ओपीडी की भीड़ भी नियंत्रित होगी।”
बीएमएसआईसीएल की भूमिका बनी निर्णायक
बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMSICL) के महाप्रबंधक की पहल से यह मामला फिर से ट्रैक पर आया है। बीते डेढ़ साल से मशीन की आपूर्ति, इंस्टॉलेशन और भवन संबंधित मुद्दों में पेंच फंसा था, जो अब सुलझ चुका है।
मायागंज अस्पताल में यह तकनीकी उन्नयन भागलपुर सहित पूरे अंग क्षेत्र के मरीजों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा। इससे न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं की गति बढ़ेगी, बल्कि राज्य के मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी एक नया आयाम मिलेगा।


